img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में मोर पंख को केवल सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। भगवान श्री कृष्ण के मुकुट की शोभा बढ़ाने वाला यह मोर पंख नौ ग्रहों के दोषों को शांत करने की शक्ति रखता है। मान्यता है कि यदि घर में सही दिशा और स्थान पर मोर पंख स्थापित किया जाए, तो न केवल वास्तु दोष दूर होते हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और धन की वर्षा होने लगती है। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार मोर पंख रखने के चमत्कारी नियम।

मुख्य द्वार का वास्तु दोष होगा दूर

यदि आपके घर का मुख्य द्वार वास्तु सम्मत नहीं है या वहां से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है, तो प्रवेश द्वार पर तीन मोर पंख लगाएं। इन मोर पंखों के ठीक नीचे भगवान गणेश की एक छोटी प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। ऐसा करने से घर में आने वाली हर बाधा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से बरसेगा पैसा

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मोर पंख रखने के लिए दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा सबसे उत्तम मानी गई है। इस दिशा में मोर पंख लगाने से घर का वातावरण शांत और खुशहाल रहता है। साथ ही, यह दिशा धन के आगमन के लिए द्वार खोलती है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाती है।

पूजा घर में मोर पंख के लाभ

अपने घर के मंदिर या पूजा स्थल पर मोर पंख रखना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। इससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है और आय के नए स्रोत (Income Sources) बनते हैं। यदि आप व्यापार में घाटे से परेशान हैं, तो अपने कार्यस्थल या दुकान के पूजा घर में मोर पंख रखें; इससे व्यापार में उन्नति के योग बनते हैं और दरिद्रता दूर होती है।

ग्रह दोष और मानसिक शांति

मोर पंख घर में रखने से राहु-केतु जैसे क्रूर ग्रहों का दुष्प्रभाव कम होता है। यह घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ाता है और कलह-क्लेश को समाप्त करता है। भगवान कृष्ण को अति प्रिय होने के कारण, मोर पंख घर में रखने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष की प्राप्ति होती है।