Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के सुप्रीमो अखिलेश यादव पर तीखा तंज कसा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग हर माफिया के संबंध सपा से रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि एसटीएफ और यूपी पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए कुछ अभियुक्त सपा से जुड़े रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अपनी संलिप्तता को इस मामले में भी उजागर होते देखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा, लेकिन इतना अवश्य कहा जा सकता है कि सपा प्रमुख जो बातें कह रहे हैं, उनकी स्थिति वही है, जैसा कि इस पंक्ति में कहा गया: ‘यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी, आईना साफ करता रहा।’ अपराधियों के साथ तस्वीरों के आधार पर अवैध लेन-देन की संलिप्तता सामने आएगी। दूध का दूध और पानी का पानी होगा।”
कोडीन कफ सिरप मामले पर योगी का पक्ष
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोडीन फॉस्फेट एनडीपीएस अधिनियम के तहत नियंत्रित औषधि है। इसका उपयोग कोडीन युक्त कफ सिरप बनाने में होता है, जो गंभीर खांसी के इलाज में काम आता है। उन्होंने कहा कि कई जगह इसका नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग किया जा रहा था।
अवैध तस्करी की शिकायतों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार, एफएसडीए, एसटीएफ और यूपी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं और राज्य-स्तरीय एसआईटी इस पूरे मामले की निगरानी कर रही है।
शीतकालीन सत्र 2025: 24 दिसंबर तक चलेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि शीतकालीन सत्र आज से शुरू होकर 24 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान सदस्यों को जनता से जुड़े मुद्दों उठाने और विकास से संबंधित विधायी कार्यों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
सत्र के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी और इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र की अवधि इसलिए सीमित रखी गई क्योंकि अधिकांश जनप्रतिनिधि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यों में व्यस्त हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सत्र उत्तर प्रदेश विधानमंडल और राज्य के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में स्पष्ट किया गया है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार विकास और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने में सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है और सभी दलों के सहयोग की अपेक्षा करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब लोकतंत्र से जुड़े स्थल चर्चा और परिचर्चा के केंद्र बनते हैं, तब जनप्रतिनिधि जनविश्वास पर खरा उतरता है।”




