Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश 'हरित प्रदेश' बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में प्रदेश के वनाच्छादन (Green Cover) में 559.19 वर्ग किलोमीटर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 'एक पेड़ मां के नाम' और 'वृहत पौधरोपण महाभियान' जैसे कार्यक्रमों के जरिए पर्यावरण संरक्षण अब यूपी में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
9 साल में 242 करोड़ पौधे: चीन का रिकॉर्ड ध्वस्त
योगी सरकार ने पौधरोपण के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जहाँ 2008 से 2016 के बीच केवल 65.27 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं 2017 से अब तक 242.13 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं।
वाराणसी का वर्ल्ड रिकॉर्ड: हाल ही में वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में काशीवासियों ने मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर चीन का आठ साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसका आधिकारिक प्रमाणपत्र भी राज्य सरकार को सौंपा है।
2026 का लक्ष्य: इस वर्षाकाल (जुलाई-अगस्त 2026) में सरकार ने 35 करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद कुल संख्या 277 करोड़ के पार पहुंच जाएगी।
'ग्रीन गोल्ड' और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' आह्वान को यूपी ने पूरी शिद्दत से जमीन पर उतारा है।
ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट: जुलाई 2025 में जन्मे 18,348 बच्चों के अभिभावकों को 'ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट' देकर सम्मानित किया गया। उन्हें संकल्प दिलाया गया कि वे पौधे का पालन भी अपने बच्चे की तरह करेंगे।
2030 का विजन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश के कुल हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक ले जाने का कड़ा निर्देश दिया है।
बजट और 'ग्रीन चौपाल' की नई पहल
पर्यावरण को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे ग्रामीण स्तर तक ले जाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं:
वित्तीय प्रावधान: हालिया बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ और राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
ग्रीन चौपाल: अब तक 18,000 से अधिक गांवों में 'ग्रीन चौपाल' का गठन किया जा चुका है। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में होने वाली इन बैठकों में महीने में एक बार पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल पर चर्चा अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री का जन्मदिन और पर्यावरण संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिनका जन्मदिन 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) को होता है, हर साल अपने दिन की शुरुआत पौधरोपण से करते हैं। वे स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग करते हैं और समाज के हर तबके—चाहे वो स्कूली बच्चे हों, महिलाएं हों या बुजुर्ग—को इस मुहिम से जोड़ते हैं।




