Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजनीति में एक अनोखा और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला है। आमतौर पर लोग प्रोफेसर बनने के बाद राजनीति में आते हैं और मंत्री बनते हैं, लेकिन बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने इसके उलट एक नई मिसाल पेश की है। डॉ. चौधरी ने पटना के प्रतिष्ठित एएन कॉलेज (AN College) में राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
पिता का अधूरा सपना किया पूरा
इस उपलब्धि के बाद डॉ. अशोक चौधरी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपनी इस नई पारी को अपने दिवंगत पिता और पूर्व मंत्री महावीर चौधरी को समर्पित किया। सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा:
"आपका सपना साकार हुआ, पापा। आप हमेशा चाहते थे कि मैं शिक्षा की राह अपनाऊं और प्रोफेसर बनूं। उस समय मुझे यह आपकी जिद लगती थी, लेकिन आज समझ आता है कि वह आपकी दूरदर्शिता थी। आज मैं मंत्री बनने के बाद प्रोफेसर बना हूं, और यह सब आपके आशीर्वाद से ही संभव हुआ है।"
एएन कॉलेज में ली पहली क्लास
मंगलवार को डॉ. अशोक चौधरी कॉलेज पहुंचे और विधिवत तरीके से अपना योगदान दिया।
उपस्थिति: इस अवसर पर एएन कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. रेखा रानी, प्रो. एसपी शाही और अन्य वरिष्ठ शिक्षक मौजूद थे।
पहली कक्षा: कार्यभार संभालने के तुरंत बाद डॉ. चौधरी क्लासरूम पहुंचे और छात्रों से मुखातिब हुए। उन्होंने राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक के रूप में अपनी पहली कक्षा ली।
प्रोफेसर और मंत्री: एक अनोखा सफर
डॉ. अशोक चौधरी ने बताया कि उनके पिता अक्सर प्रो. एसपी शाही से उनके प्रोफेसर बनने की इच्छा जाहिर करते थे। उन्होंने कहा कि राजनीति और जनसेवा के व्यस्त जीवन के बीच भी उन्होंने अपने पिता के इस सपने को जीवित रखा और अंततः उसे हकीकत में बदला। यह पल उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक परिवार के संस्कारों और शिक्षा के प्रति उनके सम्मान की जीत है।
शिक्षा जगत में चर्चा
पटना के शैक्षणिक गलियारे में इस खबर की काफी चर्चा है। एक कैबिनेट मंत्री का कॉलेज जाकर छात्रों को पढ़ाना, न केवल छात्रों को प्रेरित करेगा बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी देगा।
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