Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की सियासत से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पीरपैंती के पूर्व भाजपा विधायक और तत्कालीन जिला पार्षद अमन पासवान तथा जदयू नेता हीरालाल पासवान को 16 साल पुराने आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों नेताओं को जेल भेजे जाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
मंगलवार को प्रथम पाली में हुई सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में दोनों नेताओं ने आत्मसमर्पण करते हुए जमानत की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने उनकी अर्जी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
लगातार गैरहाजिरी बनी सख्ती की वजह
अदालत ने इससे पहले भी दोनों आरोपित नेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने पर उनका बेल बॉन्ड रद कर दिया गया था और गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। 24 दिसंबर 2025 को कोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए उनकी जमानत निरस्त कर दी थी।
16 साल से लंबित था मामला
यह केस कहलगांव के अंतिचक थाने में वर्ष 2010 में दर्ज किया गया था। बावजूद इसके कि केस रिकॉर्ड और बयान उपलब्ध थे, दोनों नेता लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं हुए। इसी वजह से मामला वर्षों तक लंबित रहा और अब जाकर इसमें निर्णायक मोड़ आया है।
क्या है पूरा मामला
नौ सितंबर 2010 को तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी की शिकायत पर अंतिचक थाना में केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि अमन पासवान और हीरालाल पासवान ने चुनाव के दौरान सरकारी खंभों और सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार पोस्टर व बैनर लगाए थे, जो आदर्श चुनाव आचार संहिता का सीधा उल्लंघन माना गया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
पूर्व विधायक और सत्तारूढ़ दल से जुड़े नेता की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इसे चुनावी नियमों के उल्लंघन पर सख्ती और कानून के समान रूप से लागू होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।




