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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह का विशेष महत्व है क्योंकि यह न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र है, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक है। मान्यता है कि इसी महीने में भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। 4 मार्च 2026 से चैत्र मास का आरंभ हो चुका है, जिसमें देवी दुर्गा की शक्ति साधना (नवरात्रि), मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्मोत्सव और संकटमोचन हनुमान की जयंती जैसे महापर्व मनाए जाएंगे।

आइए जानते हैं चैत्र मास 2026 के सभी महत्वपूर्ण व्रतों और त्योहारों की सटीक तिथियां:

चैत्र मास 2026: व्रत एवं त्योहारों की पूरी लिस्ट

तारीखत्योहार / व्रत
4 मार्च 2026चैत्र मास का प्रारंभ
6 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थी
8 मार्च 2026रंग पंचमी
11 मार्च 2026शीतला अष्टमी
15 मार्च 2026पापमोचनी एकादशी व्रत
17 मार्च 2026मासिक शिवरात्रि
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्या
19 मार्च 2026चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिंदू नववर्ष का प्रारंभ
21 मार्च 2026गणगौर पूजा
24 मार्च 2026चैत्र छठ (यमुना छठ)
26 मार्च 2026राम नवमी (श्री राम जन्मोत्सव)
27 मार्च 2026नवरात्रि व्रत पारण / चैत्र नवरात्रि समापन
29 मार्च 2026कामदा एकादशी
31 मार्च 2026महावीर जयंती
2 अप्रैल 2026हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा

प्रमुख त्योहारों का महत्व

चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष (19 मार्च)

19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है। इसी दिन गुड़ी पड़वा और उगादि भी मनाया जाएगा, जो भारतीय नववर्ष के आगमन की खुशी में मनाया जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिससे भक्तों के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

मर्यादा पुरुषोत्तम राम नवमी (26 मार्च)

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और रामचरितमानस का पाठ करते हैं। राम नवमी का दिन भगवान राम की असीम कृपा पाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

संकटमोचन हनुमान जयंती (2 अप्रैल)

चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष यह 2 अप्रैल को है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा, सुंदरकांड का पाठ और भंडारे आयोजित किए जाते हैं। हनुमान जी की पूजा से भक्तों को साहस और शक्ति प्राप्त होती है।

पापमोचनी और कामदा एकादशी

चैत्र मास की दोनों एकादशियां (15 मार्च और 29 मार्च) भगवान विष्णु को समर्पित हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन तिथियों पर व्रत रखने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।