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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप होली के पावन पर्व के बाद बाबा खाटू श्याम के दर्शनों के लिए राजस्थान जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मंदिर प्रशासन ने आगामी कुछ दिनों के लिए दर्शन के समय में बड़े बदलाव और मंदिर के द्वार बंद रहने की घोषणा की है। चंद्र ग्रहण और बाबा के विशेष 'तिलक श्रृंगार' के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।

3 से 5 मार्च: इन तारीखों पर रहेगा असर

बाबा श्याम के दरबार में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने विस्तृत शेड्यूल जारी किया है:

3 मार्च (चंद्र ग्रहण): इस दिन चंद्र ग्रहण होने के कारण मंदिर के पट पूरी तरह बंद रहेंगे। ग्रहण की समाप्ति शाम 6:20 बजे होगी, जिसके बाद पूरे मंदिर परिसर का शुद्धिकरण और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

4 मार्च: इस दिन सुबह से भक्त बाबा के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, ध्यान रहे कि शयन आरती के बाद बाबा के द्वार फिर से बंद कर दिए जाएंगे।

5 मार्च (तिलक श्रृंगार): इस दिन मंदिर पूरे दिन बंद रहेगा। बाबा श्याम के दिव्य दर्शन शाम 5 बजे के बाद ही सुलभ होंगे।

क्या है बाबा का विशेष 'तिलक श्रृंगार'?

5 मार्च को होने वाले इस विशेष अनुष्ठान में बाबा श्याम की मूर्ति को अत्यंत सुगंधित इत्र, केसरिया-पीले चंदन और दुर्लभ रंग-बिरंगे फूलों से सजाया जाएगा। इस दिव्य सेवा और श्रृंगार में लगभग 6 से 8 घंटे का समय लगता है, जिसके दौरान आम जनता के लिए प्रवेश वर्जित रहता है।

शीशदानी बाबा श्याम की महिमा

'हारे के सहारे' कहे जाने वाले बाबा खाटू श्याम को भगवान श्रीकृष्ण का कलयुगी अवतार माना जाता है। महाभारत काल में बर्बरीक के नाम से विख्यात इस महान योद्धा ने भगवान कृष्ण के एक आदेश पर बिना संकोच अपना शीश दान कर दिया था। इसी महान बलिदान के कारण उन्हें 'शीशदानी' कहा जाता है और भक्तों का विश्वास है कि बाबा के दर से कोई खाली हाथ नहीं लौटता।

श्रद्धालुओं के लिए टिप: मंदिर जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय घोषणाओं पर नजर जरूर रखें ताकि आपको लंबी कतारों या पट बंद होने के कारण असुविधा न हो।