Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कल यानी 5 मार्च 2026 को अंतरिक्ष में एक अत्यंत दुर्लभ और विनाशकारी खगोलीय घटना घटने जा रही है। कुंभ राशि में चार शक्तिशाली ग्रहों— सूर्य, बुध, राहु और मंगल का महासंयोग होने जा रहा है। ज्योतिष विशेषज्ञों ने इसे एक 'विस्फोटक स्थिति' करार दिया है, जिसका सीधा प्रभाव मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा पर पड़ेगा। विशेष रूप से वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों के लिए कल का दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा।
कुंभ में चतुर्ग्रही योग: सत्ता और सम्मान पर ग्रहण
कुंभ राशि के ग्यारहवें भाव में बन रहा यह संयोग कई अशुभ दोषों का निर्माण कर रहा है:
ग्रहण दोष: सूर्य और राहु की युति से भयंकर ग्रहण दोष बन रहा है, जो उच्च पदों पर बैठे लोगों की कुर्सी हिला सकता है।
अंगारक और जड़ता दोष: मंगल और बुध का राहु के साथ संपर्क बुद्धि को भ्रमित करेगा, जिससे व्यक्ति गलत निर्णय लेकर अपनी वर्षों की कमाई प्रतिष्ठा दांव पर लगा सकता है।
गुप्त शत्रु: मीन राशि में स्थित शनि आपके विरोधियों को बल देंगे, जो आपकी छवि धूमिल करने का प्रयास करेंगे।
सावधान! इन 4 राशियों के लिए कठिन है 5 मार्च
वृषभ राशि: कार्यक्षेत्र में आपके खिलाफ साजिश रची जा सकती है। एक छोटी सी लापरवाही आपकी नौकरी या पद छीन सकती है। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें।
सिंह राशि: आपका राशि स्वामी सूर्य राहु-मंगल के प्रभाव में है। आपका क्रोध या एक गलत बयान सार्वजनिक रूप से आपकी छवि बिगाड़ सकता है। वाणी पर संयम रखें।
वृश्चिक राशि: परिवार और समाज में वाद-विवाद से बचें। ग्रहों की स्थिति आपको अपमानित करा सकती है। घर की बातें बाहर न जाने दें।
कुंभ राशि: यह महासंयोग आपकी ही राशि में है। अति-आत्मविश्वास और अहंकार आपके पतन का कारण बन सकता है। कल विनम्र बने रहना ही आपकी सुरक्षा है।
5 मार्च 2026: शुभ और अशुभ समय (पंचांग)
शुभ समय (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 12:09 से 12:56 तक। यह 47 मिनट का समय किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए श्रेष्ठ है।
अशुभ समय (राहुकाल): दोपहर 2:00 से 3:28 तक। इस दौरान निवेश, महत्वपूर्ण बैठक या नया काम शुरू करने से बचें।
नक्षत्र: हस्त नक्षत्र (जो आपकी बुद्धि और चतुराई से संकट टालने में मदद करेगा)।
संकट से बचने के 3 अचूक उपाय
हनुमान चालीसा का पाठ: मंगल और राहु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए सुबह हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।
मौन रहें: बुध-राहु की युति जुबान फिसला सकती है। कल जितना संभव हो कम बोलें और अनावश्यक चर्चा से बचें।
सूर्य देव को अर्घ्य: अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
कल का दिन धैर्य और सावधानी का है। यदि आप शांत रहेंगे, तो हस्त नक्षत्र की सकारात्मक ऊर्जा आपको हर षड्यंत्र से सुरक्षित बाहर निकाल लेगी।




