Prabhat Vaibhav,Digital Desk : देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम इन दिनों श्रद्धा और विश्वास के केंद्र के रूप में उभर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिसे आमतौर पर 'ऑफ-सीजन' (कम भीड़ वाला समय) माना जाता है, उस दौरान भी यहां श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा है कि प्रशासन और मंदिर समिति के हाथ-पांव फूल गए हैं। शनिवार को करीब 20,000 श्रद्धालुओं ने भगवान जागेश्वर के दर्शन किए, जो इस सीजन का एक नया रिकॉर्ड है।
होटल-गेस्ट हाउस हुए 'पैक', रात भर भटकते रहे श्रद्धालु
अचानक बढ़ी भीड़ का असर स्थानीय बुनियादी ढांचे पर साफ देखने को मिल रहा है। शुक्रवार की रात से ही जागेश्वर और उसके आसपास के सभी होटल, होम-स्टे, गेस्ट हाउस और लॉज पूरी तरह भर चुके हैं। आलम यह रहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे दूर-दराज के राज्यों से आए यात्रियों को रात गुजारने के लिए सुरक्षित ठिकाना ढूंढने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई परिवारों को गाड़ियों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं में रात बितानी पड़ी।
संकरी सड़कों पर रेंगते रहे वाहन, घंटों लगा रहा जाम
जागेश्वर जाने वाला मुख्य मार्ग शुक्रवार शाम से ही वाहनों के दबाव में आ गया। संकरी सड़कों और सीमित पार्किंग क्षमता के कारण कई घंटों तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा।
यातायात की चुनौती: संकरी पहाड़ी सड़कों पर भारी वाहनों और पर्यटकों की कारों के कारण आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
स्थानीय लोगों की परेशानी: जाम के चलते न केवल पर्यटक बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को भी अपने जरूरी कार्यों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
इतिहास में पहली बार ऑफ-सीजन में ऐसी भीड़
जागेश्वर मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष नवीन भट्ट ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में 'ऑफ-सीजन' के दौरान जागेश्वर में इतनी बड़ी संख्या में भक्तों को पहले कभी नहीं देखा। वर्तमान में देश के कोने-कोने से, विशेषकर बिहार और गुजरात से भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। जहां एक ओर स्थानीय व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बड़ी चिंता बनकर उभरी है।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर
रविवार को भी भीड़ और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। जागेश्वर चौकी इंचार्ज कमित जोशी ने बताया:
"व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद की गई है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। हम कोशिश कर रहे हैं कि यातायात सुचारू रहे और किसी को भी अनावश्यक परेशानी न हो।"
पर्यटकों के लिए सलाह: यदि आप भी इन दिनों जागेश्वर धाम की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो ठहरने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर लें और संकरी सड़कों पर धैर्य बनाए रखें।




