Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ शांति समझौता लागू होने के 24 घंटों के भीतर ही ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आ रहा है। इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए अब तक के सबसे भीषण हमले ने ईरान को भड़का दिया है। जवाब में ईरान ने दुनिया की लाइफलाइन कहे जाने वाले 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी देते हुए तेल टैंकरों की आवाजाही रोक दी है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल की आशंका गहरा गई है और दुनिया एक बार फिर महायुद्ध की कगार पर खड़ी है।
महज 10 मिनट में दहला लेबनान: क्या है 'ऑपरेशन रोरिंग लायन'?
युद्धविराम की घोषणा के तुरंत बाद इजरायल ने 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' के तहत लेबनान पर बिजली की रफ्तार से हमला बोला। इजरायली वायुसेना ने मात्र 10 मिनट के भीतर हिजबुल्लाह के 100 से अधिक ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इजरायल का तर्क है कि लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा नहीं है, जबकि ईरान और क्षेत्रीय देशों का मानना था कि यह समझौता पूरे मध्य पूर्व में शांति के लिए है। इस हमले के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट कर दिया है कि वे लेबनान में हुए इस 'विश्वासघात' का बदला लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
होर्मुज जलमार्ग पर पहरा: तेल टैंकरों के पहिए थमे
शांति समझौते के बाद उम्मीद जगी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, लेकिन ईरान के ताजा फैसले ने सब कुछ बदल दिया है।
ट्रैफिक जाम: ईरान ने इस संकीर्ण समुद्री मार्ग पर फिर से टैंकरों को रोक दिया है।
बाजार में दहशत: जो तेल की कीमतें युद्धविराम की खबर से गिरी थीं, वे अब फिर से अस्थिर हो गई हैं।
सुरक्षा की चिंता: वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने इस मार्ग से गुजरने वाले अपने जहाजों की सुरक्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
दावों का विरोधाभास: शांति समझौता या केवल दिखावा?
इस युद्धविराम की शर्तों को लेकर एक बड़ा कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा था कि यह समझौता लेबनान सहित पूरे क्षेत्र के लिए है।
इजरायल का रुख: इजरायल ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसका समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता। इसी विरोधाभास ने युद्धविराम की नींव हिला दी है।
अंतिम चेतावनी: समझौते से बाहर निकल सकता है ईरान
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को साफ कर दिया है कि अगर इजरायल ने लेबनान और उसके सहयोगियों पर हमले नहीं रोके, तो वह औपचारिक रूप से इस युद्धविराम से बाहर निकल जाएगा। तेहरान की तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान इन हमलों को समझौते का खुला उल्लंघन मान रहा है। यदि यह 24 घंटे पुराना समझौता पूरी तरह टूटता है, तो मध्य पूर्व में ऐसी आग लग सकती है जिसे बुझाना नामुमकिन होगा।




