Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केरल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला आज ईवीएम में कैद हो रहा है। केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज, 9 अप्रैल को सभी 140 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। इस बार का चुनावी रण बेहद दिलचस्प है क्योंकि एलडीएफ (LDF), यूडीएफ (UDF) और भाजपा के कई दिग्गज मैदान में हैं। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन जहां अपनी कुर्सी बचाने के लिए पसीना बहा रहे हैं, वहीं भाजपा और कांग्रेस ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। आइए जानते हैं उन हाई-प्रोफाइल सीटों के बारे में जिन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।
धर्मदम में विजयन की हैट्रिक पर नजर, शशि थरूर रेस से बाहर
केरल के मुख्यमंत्री और सीपीआई (एम) के दिग्गज नेता पिनारयी विजयन एक बार फिर कन्नूर जिले की अपनी पारंपरिक सीट धर्मदम से चुनावी मैदान में हैं। विजयन यहां से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के इरादे से उतरे हैं। उन्होंने 19 मार्च को अपना नामांकन भरा था और एलडीएफ की ओर से मुख्यमंत्री पद का मुख्य चेहरा बने हुए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर ने इस बार चुनाव न लड़कर सबको चौंका दिया है। थरूर ने साफ किया है कि वे मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं, हालांकि वे राज्यभर में कांग्रेस के लिए धुआंधार प्रचार कर रहे हैं।
के.के. शैलजा की नई अग्निपरीक्षा: मट्टानूर छोड़ पेरावुर से मैदान में
पिछली बार मट्टानूर सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और 'कोरोना फाइटर' के नाम से मशहूर के.के. शैलजा इस बार नई सीट पर अपनी किस्मत आजमा रही हैं। सीपीआई (एम) ने उन्हें कन्नूर की पेरावुर सीट से उम्मीदवार बनाया है। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के मौजूदा विधायक और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ से है। यह सीट इस बार केरल की सबसे चर्चित फाइट में से एक बन गई है।
भाजपा का दांव: गुरुवायूर से सुरेश गोपी और नीमोम से राजीव चंद्रशेखर
त्रिशूर से लोकसभा सांसद और सुपरस्टार सुरेश गोपी इस बार गुरुवायूर विधानसभा क्षेत्र से चुनावी रण में हैं। उन्होंने अपना वोट भी इसी क्षेत्र में स्थानांतरित किया है, जिससे उनकी गंभीरता का पता चलता है। वहीं, भाजपा के लिए सबसे खास सीट नीमोम से केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर मैदान में हैं। बता दें कि नीमोम वही सीट है जहां से भाजपा ने 2016 में केरल में अपना खाता खोला था। यहां चंद्रशेखर का सीधा मुकाबला सीपीएम के कद्दावर नेता वी. शिवनकुट्टी से है।
रमेश चेन्निथला की साख दांव पर: हरिपाद से छठी जीत की कोशिश
यूडीएफ के प्रमुख स्तंभ और कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला अलाप्पुझा जिले की अपनी गढ़ मानी जाने वाली हरिपाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वे यहां से छठी बार विधानसभा पहुंचने की कोशिश में हैं। चेन्निथला को यूडीएफ की ओर से मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में गिना जा रहा है, जिससे इस सीट का महत्व और बढ़ गया है। आज हो रहे मतदान के बाद अब सभी को नतीजों का इंतजार है, जो तय करेंगे कि 'ईश्वर के अपने देश' में अगली सरकार किसकी बनेगी।




