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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए गुरुवार को हुआ मतदान ऐतिहासिक रहा। मतदाताओं ने भारी उमस और लंबी कतारों की परवाह न करते हुए लोकतंत्र के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई, जिससे वोटिंग प्रतिशत ने पुराने कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पुडुचेरी 89.87 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा, जबकि असम में 85.65 और केरल में 78.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है और हार-जीत का फैसला 4 मई को होगा।

मुख्यमंत्रियों ने किया मतदान, रंगस्वामी की सादगी ने जीता दिल

मतदान के दौरान तीनों राज्यों के सियासी दिग्गजों ने सुबह-सुबह ही अपने बूथों पर पहुंचकर वोट डाला। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने लाइन में लगकर अपना वोट दिया। वहीं, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगस्वामी एक बार फिर अपनी सादगी के कारण चर्चा में रहे; वे अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हुए साधारण मोटरसाइकिल चलाकर मतदान केंद्र पहुंचे। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों को सील कर स्ट्रांग रूम भेज दिया गया है।

केरल में 883 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

केरल की 140 सीटों पर इस बार मुकाबला बेहद कड़ा नजर आ रहा है। यहाँ 26 लाख से अधिक मतदाताओं ने कुल 883 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला किया है। राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या (1.38 करोड़) पुरुषों (1.31 करोड़) से अधिक रही, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। वामपंथी एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा के बीच यहां जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है। युवाओं और बुजुर्गों ने भी इस चुनावी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

असम और पुडुचेरी में कड़ा घमासान, विजय की पार्टी ने बढ़ाई हलचल

असम की 126 सीटों पर भाजपा नीत एनडीए और कांग्रेस गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है, जहां 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं पुडुचेरी की 30 सीटों पर इस बार समीकरण थोड़े अलग नजर आ रहे हैं। एनआर कांग्रेस-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस-डीएमके के बीच चल रही पारंपरिक लड़ाई में अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कज़गम' (TVK) ने एंट्री मारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। पुडुचेरी में करीब 90% मतदान इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव या स्थिरता को लेकर बेहद स्पष्ट है।