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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप भी महीने के बीच में गैस खत्म होने या सिलेंडर की बुकिंग के लिए कतारों में लगने से परेशान हैं, तो केंद्र सरकार आपके लिए एक क्रांतिकारी समाधान लेकर आई है। मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए, भारत सरकार ने अब एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने और PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क को हर घर तक पहुंचाने के लिए एक महा-योजना तैयार की है।

मंत्रालय का बड़ा आदेश: अब पाइप से आएगी गैस

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश भर में पीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार के लिए एक विस्तृत रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 'लास्ट-माइल कनेक्टिविटी' सुनिश्चित करना है, यानी गैस की पाइपलाइन सीधे आपके घर की रसोई तक पहुंचेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल आम जनता को सिलेंडरों से मुक्ति मिलेगी, बल्कि भारत एक 'गैस-आधारित अर्थव्यवस्था' बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। यह स्वच्छ ईंधन की ओर एक बड़ा कदम है जो पर्यावरण के लिए भी बेहतर है।

फिलहाल एलपीजी आपूर्ति पर क्या है स्थिति?

भविष्य की योजना जहां पाइपलाइन की है, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मंत्रालय ने जनता को आश्वासन देते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं:

आपूर्ति सुचारू: देश भर के वितरकों के पास गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

डिजिटल बुकिंग: जागरूकता के चलते अब 98% बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है।

सुरक्षित डिलीवरी: कालाबाजारी रोकने के लिए 93% डिलीवरी अब 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) के जरिए हो रही है।

रिकॉर्ड वितरण: अकेले 11 अप्रैल 2026 तक देश में 52.3 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर बांटे जा चुके हैं।

छात्रों और प्रवासियों के लिए खुशखबरी: बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा सिलेंडर

घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों और काम पर जाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने नियमों में बड़ी ढील दी है। अब 5 किलो वाले FTL (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की सप्लाई को दोगुना कर दिया गया है।

सबसे बड़ी राहत: अब इस सिलेंडर को लेने के लिए आपको पते के प्रमाण (Address Proof) की जरूरत नहीं होगी। आप केवल अपना कोई भी वैध पहचान पत्र (ID Proof) दिखाकर इसे तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।

क्यों जरूरी हुई यह योजना?

मध्य पूर्व के देशों में जारी अस्थिरता के कारण कच्चे तेल और गैस की वैश्विक कीमतों में उछाल की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पाइपलाइन नेटवर्क भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को मजबूत करेगा। होटलों और उद्योगों के लिए भी वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति को संकट पूर्व स्तर के 70% तक बढ़ा दिया गया है, ताकि अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनी रहे।