Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए एक साथ कई चेतावनी जारी की हैं। एक तरफ जहां कई मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान का साया मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत और गुजरात में पारा तेजी से चढ़ने वाला है। अगर आप अगले हफ्ते के लिए किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम का यह हाल जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, देश के ऊपर एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं। वर्तमान में एक निम्न दबाव रेखा (Trough Line) उत्तरी मध्य प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक फैली हुई है, जो विदर्भ, महाराष्ट्र और कर्नाटक से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही बिहार से बंगाल तक एक अन्य सिस्टम सक्रिय है और ओडिशा के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। रही-सही कसर 15 अप्रैल को आने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पूरी कर देगा, जो हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित करेगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का 'हाई अलर्ट'
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। असम और मेघालय में 12 से 15 अप्रैल के बीच न केवल बारिश होगी, बल्कि 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जबकि 17 और 18 अप्रैल को मानसून जैसी भारी बारिश इन राज्यों को भिगो सकती है। बंगाल और सिक्किम में भी आज भारी बारिश की संभावना है।
मैदानी इलाकों में धूल भरी हवाएं और दक्षिण में बिजली का खतरा
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों—पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश—में अगले दो दिनों तक धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
पारा छुएगा आसमान: गर्मी से तपेंगे ये राज्य
बारिश के इस शोर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। आने वाले दिनों में गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी गर्मी का असर बढ़ेगा, जिससे लोगों को उमस और लू जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।




