Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की राजधानी पटना की सड़कों और चौराहों को जगमग करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। शहर के विभिन्न हिस्सों में 35 नई हाईमास्ट लाइटें लगाने के लिए 1.62 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के पूरा होने से पटना के 30 वार्डों के हजारों नागरिकों को अंधेरे से मुक्ति मिलेगी और रात के समय आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित हो सकेगा।
नितिन नवीन की पहल लाई रंग: हुडको (HUDCO) के सहयोग से होगा कार्य
इस महत्वपूर्ण परियोजना का श्रेय पथ निर्माण मंत्री और पूर्व बांकीपुर विधायक नितिन नवीन की सक्रियता को जाता है। उनकी विशेष अनुशंसा और निरंतर प्रयासों के बाद इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली है। गौरतलब है कि यह पूरी परियोजना हुडको (HUDCO) के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत संचालित की जाएगी। इसके अंतर्गत पटना नगर निगम क्षेत्र के चिन्हित स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाली लाइटें लगाई जाएंगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं: क्या-क्या होगा खास?
ऊंचाई: प्रत्येक हाईमास्ट लाइट की ऊंचाई 12.5 मीटर होगी, जिससे एक बड़ा क्षेत्र रोशनी के दायरे में आएगा।
विस्तार: पटना नगर निगम के 30 अलग-अलग वार्डों को इस योजना के तहत कवर किया गया है।
संख्या: कुल 35 प्रमुख स्थानों पर ये लाइटें स्थापित की जाएंगी।
कमीशनिंग: लाइट लगाने के साथ-साथ उनके संचालन (Commissioning) और रख-रखाव की व्यवस्था भी प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
सुरक्षा और सुविधा: अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद
हाईमास्ट लाइटों का मुख्य उद्देश्य केवल शहर की सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना भी है।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्र: व्यस्त बाजारों और मुख्य चौराहों पर रोशनी होने से रात के समय होने वाली छोटी-मोटी दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
अपराध नियंत्रण: अंधेरे का फायदा उठाकर होने वाली छिनैती या अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने में पुलिस को मदद मिलेगी।
आवागमन: पैदल चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए रात का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगा।
जनता में उत्साह: विकास की नई रोशनी
इस योजना की मंजूरी मिलने के बाद बांकीपुर और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों में खुशी की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस पहल के लिए सरकार और नितिन नवीन के प्रति आभार व्यक्त किया है। लोगों का मानना है कि पटना के शहरी विकास की दिशा में यह एक दूरगामी कदम है, जो शहर की वैश्विक छवि को भी बेहतर बनाने में सहायक होगा।




