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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : इस्लामाबाद और क्वेटा से बेहद चिंताजनक खबरें आ रही हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गृहयुद्ध जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। अलगाववादी समूह 'बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी' (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मोर्चा खोल दिया है। पिछले 10 घंटों से जारी इस भीषण संघर्ष में बीएलए ने एक साथ 11 शहरों को निशाना बनाया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

बीएलए ने इस सुनियोजित हमले को 'ऑपरेशन हीरोफ 2.0' नाम दिया है, जिसका नेतृत्व कमांडर बशीर जैब बलूच कर रहे हैं। विद्रोहियों ने राजधानी क्वेटा, मश्तुंग, कलात, ग्वादर, नुश्की, दलबादिन और पंजगुर सहित प्रमुख शहरों में सेना शिविरों, पुलिस स्टेशनों, आईएसआई कार्यालयों और बैंकों को रणनीतिक रूप से निशाना बनाया है।

राजधानी क्वेटा में स्थिति सबसे अधिक तनावपूर्ण है। यहां बलूच आतंकवादियों ने एक सरकारी बैंक को लूटा और 38 लाख रुपये नकद लूटने के बाद उसे आग लगा दी। इतना ही नहीं, एक पुलिस वैन पर रॉकेट से हमला किया गया, जिसमें 2 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, ग्वादर में एक सैन्य अड्डे पर बड़ा हमला हुआ, जिसे चीन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें 3 सैनिक शहीद हो गए।

इन हमलों में अब तक भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, बलूच बलूच आतंकवादियों के हमले में 12 से अधिक सैन्यकर्मियों और 13 पुलिसकर्मियों सहित कुल 27 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए हैं। वहीं 28 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में 57 बलूच लड़ाकों को मार गिराने और ड्रोन हमले करने का दावा किया है।

बलि-अत का हमला इतना तीव्र है कि उन्होंने नोकुशी के उप आयुक्त सहित सरकारी अधिकारियों को बंधक बना लिया है और खबरों के मुताबिक सीटीडी मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है। यह सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि उग्रवादियों ने राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर कब्जा कर लिया है।

इस अशांति का पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था पर सीधा और गंभीर प्रभाव पड़ेगा। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर बलूचिस्तान की खानों में अमेरिका और पश्चिमी देशों से विदेशी निवेश लाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन इस हमले के बाद, सुरक्षा कारणों से निवेशकों के पीछे हटने की पूरी संभावना है।

वर्तमान में पूरे प्रांत में तनाव का माहौल है। दस घंटे बीत जाने के बाद भी सीमा पार से गोलीबारी जारी है। पाकिस्तानी सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और सेना ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है।