Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तय समय से लगभग 38 मिनट देर से बस्ती पहुंचे। उनका हेलिकॉप्टर श्री कृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज के मैदान में उतरा। वहां से वह कार द्वारा सीधे सदर अस्पताल चौराहे स्थित शिवधाम न्यास पहुंचे, जहाँ उन्होंने ब्रह्मलीन संत देशबंधु नंदानाथ के निवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
देशबंधु नंदानाथ, महंत अवेद्यनाथ के बेहद करीबी रहे और राममंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अयोध्या आंदोलन के समय वे कारसेवक के रूप में जेल भी गए थे। उनका असली नाम यशोदानंद श्रीवास्तव था। 1949 में फरेनिया, देवकली में जन्म लेने के बाद उन्होंने बीएचयू से बीएएमएस की पढ़ाई पूरी की और चिकित्सा सेवा से अपने करियर की शुरुआत की।
चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ वे समाजसेवा में भी सक्रिय रहे। जिले में कांवड़ मेला शुरू करवाने से लेकर सदर अस्पताल परिसर में दुर्गापूजा पंडाल की स्थापना तक कई कार्यों में उनका बड़ा योगदान रहा। धीरे-धीरे उन्हें देशबंधु नंदानाथ के नाम से पहचान मिलने लगी।
आज जनपद में तेरस के दिन पाँच लाख से अधिक कांवड़िए बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम में जल चढ़ाते हैं—इस परंपरा की शुरुआत में भी नंदानाथ का अहम योगदान माना जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बस्ती आगमन पर डुमरियागंज के सांसद जगदम्बिका पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, विधायक अजय सिंह, पूर्व विधायक दयाशंकर चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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