‘रामायण’ के ट्रेलर में ‘राम’ दिखे, ‘रावण’ दिखा, पर नहीं दिखे ‘हनुमान’, आखिर क्या है इसके पीछे की रणनीति?
भारतीय सिनेमा के गलियारों में इन दिनों यदि किसी एक सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, तो वह निश्चित रूप से निर्देशक नितेश तिवारी की महाकाव्य पर आधारित फिल्म ‘रामायण’ है। जब से इस भव्य फिल्म की घोषणा हुई है और इसका टीजर या ट्रेलर दर्शकों के सामने आया है, तब से हर तरफ इसी बात की चर्चा है कि इस महागाथा को पर्दे पर कैसे उतारा जा रहा है। इस फिल्म के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर तमाम सिनेमा प्रेमियों के बीच एक बहुत बड़ा सवाल और बहस छिड़ गई है कि ट्रेलर में भगवान राम का दिव्य स्वरूप भी नजर आ रहा है और रावण के रूप में खूंखार अंदाज भी दिख रहा है, लेकिन संकटमोचन महाबली हनुमान की एक भी झलक दर्शकों को देखने को नहीं मिली है। इस बात को लेकर फैंस के बीच उत्सुकता भी है और थोड़ी निराशा भी कि आखिर पूरी रामायण का मुख्य स्तंभ माने जाने वाले हनुमान को निर्माताओं ने ट्रेलर से पूरी तरह गायब क्यों रखा है। फिल्म से जुड़े सूत्रों और जानकारों का मानना है कि इसके पीछे कोई आम मार्केटिंग रणनीति नहीं बल्कि एक बहुत ही गहरी और सोची-समझी सिनेमाई योजना है, जिसके तहत असली पत्तों को क्लाइमैटिक दृश्यों या पर्दे के पीछे ही सुरक्षित रखा गया है।
भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी महागाथा ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज
सिनेमा जगत में माइथोलॉजिकल और ऐतिहासिक कहानियों पर फिल्में बनना कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस पैमाने पर और जितनी भव्यता के साथ ‘रामायण’ को पर्दे पर लाने की तैयारी चल रही है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। फिल्म के निर्माताओं से लेकर निर्देशक तक हर कोई यह अच्छी तरह जानता है कि यह केवल एक फिल्म नहीं है बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। यही वजह है कि फिल्म के हर एक दृश्य, हर एक कास्टिंग और हर एक प्रमोशनल गतिविधि पर बेहद बारीकी से काम किया जा रहा है। जब इस फिल्म का पहला विजुअल या टीजर सामने आया, तो उसमें राम के किरदार की शालीनता और रावण के किरदार की भव्यता ने दर्शकों का दिल जीत लिया। हर कोई इस बात की तारीफ कर रहा है कि वीएफएक्स और सेट डिजाइनिंग पर किस स्तर का काम किया गया है। लेकिन इसी बीच हनुमान के किरदार की गैरमौजूदगी ने फैंस के मन में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं, और वे यह जानने के लिए बेताब हैं कि मेकर्स इस अहम पात्र को लेकर क्या बड़ा सरप्राइज प्लान कर रहे हैं।
ट्रेलर से हनुमान का गायब रहना: क्या यह कोई सोची-समझी मार्केटिंग रणनीति है?
फिल्म निर्माण और मार्केटिंग की दुनिया में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि निर्देशक अपनी फिल्म के सबसे बड़े आकर्षण या सबसे बड़े सरप्राइज को शुरुआती टीजर या ट्रेलर में उजागर नहीं करते हैं, ताकि सिनेमाघरों में फिल्म देखते वक्त दर्शकों का रोमांच बना रहे। ‘रामायण’ के मामले में भी बिल्कुल यही रणनीति अपनाई गई प्रतीत होती है। हनुमान एक ऐसा किरदार है जो न केवल अपनी अपार शक्ति और भक्ति के लिए जाना जाता है, बल्कि इस पूरी गाथा के टर्निंग पॉइंट यानी लंका कांड और संजीवनी बूटी लाने जैसे दृश्यों की जान वही हैं। यदि निर्माताओं ने हनुमान के रूप, उनके वीएफएक्स अवतार या उस अभिनेता की पहली झलक को ही ट्रेलर में दिखा दिया होता, तो फिल्म का वह रहस्य और रोमांच खत्म हो जाता जो थियेटर की कुर्सी पर बैठकर मिलने वाला है। इसलिए, मेकर्स ने बेहद चालाकी से राम और रावण के संघर्ष को तो पर्दे पर उतार दिया, लेकिन हनुमान के भव्य आगमन को अभी पर्दे के पीछे ही छिपाकर रखा है ताकि जब दर्शक बड़े पर्दे पर उस दृश्य को देखें, तो उनके रोंगटे खड़े हो जाएं।
क्लाइमैक्स और कहानी के मुख्य मोड़ पर खुलेंगे असली पत्ते, मेकर्स का मास्टरस्ट्रोक
फिल्म के निर्देशक और रचनात्मक टीम का यह मानना है कि ‘रामायण’ की कहानी में हनुमान का प्रवेश एक साधारण एंट्री नहीं है, बल्कि यह पूरी कथा के रुख को बदलने वाला सबसे बड़ा पल होता है। किष्किंधा से लेकर लंका तक के सफर में हनुमान की भूमिका इतनी विशाल है कि उन्हें किसी छोटे से टीजर के दो सेकंड के शॉट में समेटना न्याय नहीं होता। यही कारण है कि मेकर्स ने यह तय किया है कि हनुमान के चरित्र को पूरी भव्यता, डिजिटल तकनीक के उच्चतम स्तर और गहरी भावनात्मक पृष्ठभूमि के साथ सीधे फिल्म के मुख्य भागों और क्लाइमैक्स में ही उजागर किया जाएगा। जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी, तो दर्शक पर्दे पर हनुमान के उस चमत्कारी रूप को देखकर हैरान रह जाएंगे जिसकी कल्पना उन्होंने शायद अपने सपनों में की होगी। यह रणनीति फिल्म के प्रति लोगों के कौतूहल को और अधिक बढ़ाने का काम कर रही है, और सोशल मीडिया पर इसी रहस्य को लेकर रोजाना हजारों नई चर्चाएं और कयास लगाए जा रहे हैं।
सिनेमाघरों में रिलीज से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार है ‘रामायण’ का यह जादू
जिस तरह से ‘रामायण’ के ट्रेलर ने रिलीज होते ही इंटरनेट पर सनसनी फैलाई है और हर छोटे-बड़े प्लेटफॉर्म पर इसकी चर्चा हो रही है, उससे यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उतरेगी तो इतिहास के सारे पन्ने पलट देगी। हनुमान के किरदार को लेकर बने इस रहस्य और सस्पेंस ने फिल्म के प्रति दीवानगी को और सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। दर्शक अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब वह तारीख आए जब वे सिनेमाघरों में बैठकर इस महागाथा का आनंद लें और पर्दे पर हनुमान के असली रूप के दर्शन करें। निर्माताओं की यह दूरदर्शी रणनीति पूरी तरह से सफल साबित हो रही है, और यह इस बात का प्रमाण है कि आज के दौर में दर्शकों की जिज्ञासा को कैसे जिंदा रखा जाता है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज नजदीक आएगी, वैसे-वैसे इस पर से और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, लेकिन तब तक हनुमान के न दिखने का यह सस्पेंस पूरे देश में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना रहेगा।