यूरिक एसिड में दाल-दही खाएं या नहीं? डॉ. दीप्ति खटूजा से जानें डाइट का पूरा सच

यूरिक एसिड में दाल-दही खाएं या नहीं? डॉ. दीप्ति खटूजा से जानें डाइट का पूरा सच

आजकल की खराब लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी के कारण हाई यूरिक एसिड (Hyperuricemia) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और उठने-बैठने में तकलीफ होने लगती है, जिसे मेडिकल भाषा में 'गाउट' कहा जाता है। इस बीमारी के आते ही लोग सबसे पहले अपनी डाइट से दालें, दूध, दही और तमाम तरह के प्रोटीन पूरी तरह से गायब कर देते हैं। लेकिन क्या वाकई यूरिक एसिड में प्रोटीन खाना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए? इस बड़े कन्फ्यूजन को देश की जानी-मानी डाइटिशियन और फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (गुरुग्राम) की चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. दीप्ति खटूजा ने दूर किया है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड के मरीजों को अपनी डाइट में क्या शामिल करना चाहिए और किन चीजों से सख्त परहेज करना चाहिए।

दालों को लेकर क्या है डॉक्टर की राय?

अक्सर लोग मानते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर सभी तरह की दालें (Pulses) जहर के समान हो जाती हैं। डॉ. दीप्ति खटूजा के अनुसार, यह पूरी तरह से एक मिथक है। दालों में प्लांट-बेस्ड प्यूरिन होता है, जो शरीर के लिए उतना नुकसानदेह नहीं होता जितना कि एनिमल-बेस्ड प्यूरिन (जैसे रेड मीट)। यदि आप सीमित मात्रा में और अच्छी तरह धोकर व पकाकर दालों का सेवन करते हैं, तो इससे यूरिक एसिड का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए इसे बिना डॉक्टर की सलाह के पूरी तरह बंद न करें।

दूध और दही खाएं या दूरी बनाएं?

एक और बड़ा भ्रम यह है कि यूरिक एसिड के मरीजों को दूध और दही का सेवन नहीं करना चाहिए। डॉ. खटूजा बताती हैं कि लो-फैट (मलाई निकला हुआ) दूध, दही और पनीर का सेवन यूरिक एसिड को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। डेयरी प्रोडक्ट्स में मौजूद प्रोटीन शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को यूरीन के रास्ते बाहर निकालने में मदद करता है। हालांकि, ध्यान रहे कि फुल-क्रीम या हाई-फैट वाली डेयरी चीजों से बचना चाहिए।

यूरिक एसिड में क्या खाना है वरदान?

यदि आप यूरिक एसिड को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अपनी रोजाना की डाइट में नीचे दी गई चीजों को जरूर शामिल करें:

  • भरपूर पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी शरीर में मौजूद प्यूरिन को फिल्टर करके यूरीन के जरिए बाहर निकालने का सबसे आसान और असरदार तरीका है।

  • विटामिन-सी से भरपूर फल: संतरा, नींबू, आंवला और कीवी जैसे खट्टे फल यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से कम करते हैं।

  • फाइबर युक्त भोजन: ओट्स, दलिया, हरी सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें। फाइबर शरीर में यूरिक एसिड को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है।

  • सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar): गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से शरीर का पीएच लेवल संतुलित रहता है।

इन चीजों से आज ही बना लें दूरी

यूरिक एसिड के मरीजों के लिए कुछ चीजें बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। इनसे जितना हो सके परहेज करें:

परहेज करने वाली चीजें क्यों हैं नुकसानदेह?
रेड मीट और सी-फूड इनमें प्यूरिन की मात्रा अत्यधिक होती है, जो यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ाती है।
मीठे पेय पदार्थ (Fructose) कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड जूस और सोडा में मौजूद फ्रुक्टोज यूरिक एसिड के निर्माण को तेज करता है।
शराब और बीयर अल्कोहल शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकलने से रोकता है, जिससे जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है।
मैदा और जंक फूड रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स वजन बढ़ाते हैं, जो यूरिक एसिड की समस्या को और गंभीर बनाता है।

यदि आपको जोड़ों में लगातार दर्द या अंगूठे में सूजन महसूस हो रही है, तो तुरंत किसी नजदीकी फिजिशियन या रुमेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें। डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले अपनी ब्लड रिपोर्ट के साथ विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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