सिर्फ क्रिकेट ही नहीं... वैभव सूर्यवंशी को टेनिस में भी है गहरी दिलचस्पी, 10 साल की उम्र से इन 2 दिग्गजों को कर रहे हैं फॉलो

सिर्फ क्रिकेट ही नहीं... वैभव सूर्यवंशी को टेनिस में भी है गहरी दिलचस्पी, 10 साल की उम्र से इन 2 दिग्गजों को कर रहे हैं फॉलो

भारतीय क्रिकेट जगत में बेहद कम उम्र में अपनी धाक जमाने वाले और घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक सुर्खियों में रहने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। मैदान पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और क्लासिक शॉट्स से दिग्गजों को प्रभावित करने वाले वैभव को लेकर अब एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। क्रिकेट के इस 'वंडर बॉय' का दिल सिर्फ 22 गज की पिच पर ही नहीं धड़कता, बल्कि उन्हें टेनिस (Tennis) के खेल से भी बेहद गहरा लगाव है। महज 10 साल की उम्र से ही वैभव टेनिस की दुनिया के दो सबसे महान खिलाड़ियों को बारीकी से फॉलो कर रहे हैं और उनके खेल से प्रेरणा ले रहे हैं।

क्रिकेट के बीच टेनिस का यह अनोखा कनेक्शन

आमतौर पर माना जाता है कि कोई भी उभरता हुआ क्रिकेटर अपना पूरा समय और ध्यान सिर्फ क्रिकेट की बारीकियों को सीखने में ही लगाता है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी के मामले में ऐसा नहीं है। वैभव के करीबी सूत्रों और उनके खेल के सफर पर नजर रखने वालों के अनुसार, टेनिस खेल के प्रति उनका आकर्षण बचपन से ही रहा है।

वैभव का मानना है कि टेनिस देखने और उसे समझने से उन्हें क्रिकेट के मैदान पर भी काफी मदद मिलती है। टेनिस खिलाड़ियों की फुर्ती (Agility), कोर्ट पर उनकी पोजिशनिंग, क्विक रिफ्लेक्सेस और सबसे महत्वपूर्ण उनका मानसिक कड़ापन (Mental Toughness)—ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें वैभव ने अपने खेल और लाइफस्टाइल में उतारने की कोशिश की है।

10 साल की उम्र से इन 2 दिग्गजों के दीवाने हैं वैभव

जब वैभव सूर्यवंशी महज 10 साल के थे, तभी से वे टीवी और इंटरनेट पर टेनिस के बड़े टूर्नामेंट्स (Grand Slams) को बड़े चाव से देखते थे। इस दौरान टेनिस की दुनिया के दो ऐसे महान खिलाड़ी रहे, जिनकी खेल शैली और एटीट्यूड ने इस युवा क्रिकेटर को अपना मुरीद बना लिया:

  • नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic): जोकोविच का कोर्ट पर कभी न हार मानने वाला जज्बा (Never Give Up Attitude) और किसी भी परिस्थिति से मैच को अपनी तरफ मोड़ने की कला वैभव को बेहद प्रभावित करती है। दबाव के क्षणों में कैसे शांत रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना है, यह वैभव ने जोकोविच को देखकर सीखा है।

  • राफेल नडाल (Rafael Nadal): नडाल की अद्भुत शारीरिक क्षमता, हर एक पॉइंट के लिए उनकी कोर्ट पर आक्रामकता और खेल के प्रति उनका समर्पण वैभव के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। नडाल की यही ऊर्जा वैभव अपने क्रिकेट करियर में भी दोहराना चाहते हैं।

टेनिस देखने से कैसे सुधरी क्रिकेट की टाइमिंग?

स्पोर्ट्स एक्सपर्ट्स और खुद वैभव के करीबियों का मानना है कि टेनिस को लगातार फॉलो करने का फायदा उनके क्रिकेटिंग फुटवर्क (Footwork) में साफ दिखाई देता है। टेनिस में जिस तरह खिलाड़ी बेसलाइन पर गेंद की गति को भांपकर अपनी पोजीशन बदलते हैं, ठीक उसी तरह वैभव को भी क्रिकेट की क्रीज पर स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों के खिलाफ तुरंत फुटवर्क एडजस्ट करने में मदद मिलती है।

क्रिकेट की दुनिया में नित नए रिकॉर्ड बना रहे वैभव सूर्यवंशी का टेनिस के प्रति यह शौक यह दिखाता है कि एक आधुनिक एथलीट खुद को बेहतर बनाने के लिए अन्य खेलों के दिग्गजों की कार्यशैली से भी कितनी बारीकी से सीख ले सकता है। क्रिकेट के मैदान पर जब भी वैभव का बल्ला बोलता है, तो उसके पीछे कहीं न कहीं टेनिस कोर्ट से सीखी गई वह मानसिक एकाग्रता भी काम कर रही होती है।

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