अमृतसर के सिविल अस्पताल में हाई-टेक कैंसर केयर यूनिट तैयार, जल्द मिलेगी मरीजों को बड़ी राहत
पंजाब के अमृतसर और आसपास के जिलों के कैंसर मरीजों के लिए एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। अमृतसर के सिविल अस्पताल में बहुप्रतीक्षित और अत्याधुनिक 'कैंसर केयर यूनिट' (Cancer Care Unit) बनकर पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस विंग को शुरू करने की सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और बहुत जल्द ही इस विशेष यूनिट को आम जनता और मरीजों के इलाज के लिए खोल दिया जाएगा। इस सुविधा के शुरू होने से अब गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को कैंसर के महंगे इलाज के लिए बड़े प्राइवेट अस्पतालों या दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस है नई यूनिट
अमृतसर सिविल अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस नवनिर्मित कैंसर केयर विंग को पूरी तरह से आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।
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बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर: मरीजों की सहूलियत के लिए इस स्पेशल वार्ड में बेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहद विश्वस्तरीय बनाया गया है।
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कीमोथेरेपी की सुविधा: इस यूनिट में कैंसर मरीजों के लिए सबसे जरूरी 'कीमोथेरेपी' (Chemotherapy) की आधुनिक मशीनें और उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं।
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विशेषज्ञ स्टाफ की तैनाती: यूनिट को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों (Oncologists), प्रशिक्षित नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीम को तैनात किया जा रहा है।
महंगे इलाज और निजी अस्पतालों की मनमानी से मिलेगी मुक्ति
अब तक अमृतसर और माझा क्षेत्र के मरीजों को कैंसर के इलाज, विशेषकर कीमोथेरेपी और कैंसर डिटेक्शन टेस्ट के लिए भारी-भरकम फीस चुकाकर निजी सेंटरों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई मरीज आर्थिक तंगी के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे।
सिविल अस्पताल में इस सरकारी सुविधा के शुरू होने से मरीजों को पंजाब सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और आयुष्मान भारत कार्ड के तहत मुफ्त या बेहद किफायती दरों पर विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। इससे मरीजों के समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।
जल्द होगा आधिकारिक उद्घाटन
अमृतसर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि कैंसर केयर यूनिट की बिल्डिंग और मशीनों का ट्रायल रन लगभग पूरा हो चुका है। सरकार के उच्च स्तर से हरी झंडी मिलते ही बहुत जल्द ही एक भव्य समारोह में इस यूनिट का आधिकारिक उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि यह यूनिट अमृतसर ही नहीं, बल्कि तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों के मरीजों के लिए भी एक बड़ा लाइफ-सेवर साबित होगी।