प्रयागराज में बेलन नदी का तांडव: देवघाट पुल में आई खतरनाक दरार, ट्रैफिक बंद होने से 50 गांवों का संपर्क कटा
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (Prayagraj) जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और मूसलाधार पानी के बहाव के कारण नदियां उफान पर हैं। मेजा और कोरांव क्षेत्र से गुजरने वाली बेलन नदी (Belan River) ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण जलप्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
देवघाट पुल पर आई दरार, सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
बेलन नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी के भारी दबाव के चलते मेजा स्थित ऐतिहासिक देवघाट पुल (Devghat Bridge) में एक बड़ी और खतरनाक दरार आ गई है। पुल के स्ट्रक्चर में दरार आने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) में हड़कंप मच गया। किसी भी बड़े हादसे या अनहोनी को टालने के लिए तुरंत प्रभाव से सुरक्षा के कड़े कदम उठाए गए हैं।
बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद, 50 से अधिक गांवों का संपर्क कटा
पुल के क्षतिग्रस्त होने और उसमें दरार आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से देवघाट पुल पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। पुल के दोनों सिरों पर भारी बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया गया है ताकि कोई भी वाहन या पैदल यात्री इस पुल को पार न कर सके। पुल बंद होने के कारण प्रयागराज के मेजा और कोरांव तहसील क्षेत्र के लगभग 50 से अधिक गांवों का संपर्क सीधे तौर पर कट गया है। स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को अब मीलों का लंबा चक्कर काटकर वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
राहत और बचाव कार्य जारी, प्रशासन की लोगों से अपील
जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल मौके पर मुस्तैद हैं। बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है। इंजीनियरों की टीम क्षतिग्रस्त देवघाट पुल का लगातार मुआयना कर रही है ताकि पानी का स्तर कम होने के बाद जल्द से जल्द मरम्मत का कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों और राहगीरों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और भूलकर भी नदी के करीब या क्षतिग्रस्त पुल की तरफ न जाएं।