बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT का बड़ा एक्शन, फरार आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार
उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम भगवान बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे और दान राशि में चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। चमोली पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मंदिर समिति के आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में यह गिरफ्तारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
कैसे खुली थी बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की पोल?
विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा और गुप्त दान अर्पित करते हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर के मुख्य खजाने और दानपात्र (गोलक) से आने वाली नकदी के मिलान और ऑडिट के दौरान भारी वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
शुरुआती विभागीय जांच और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगालने पर पता चला कि दान की गिनती (Donation Counting) की प्रक्रिया के दौरान ही कुछ कर्मचारियों द्वारा बड़ी चालाकी से नोटों के बंडल गायब किए जा रहे थे। इस गंभीर खुलासे के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में हड़कंप मच गया और शासन के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
फरार प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी और SIT का शिकंजा
चोरी का भंडाफोड़ होने और पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद से ही आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल भूमिगत हो गया था। एसआईटी और स्थानीय पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार उत्तराखंड के विभिन्न जिलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर आखिरकार एसआईटी ने जाल बिछाकर फरार प्रमोद नौटियाल को दबोच लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ में चोरी की गई रकम की रिकवरी और इस खेल में शामिल अन्य संदिग्धों के नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।
भविष्य के लिए मंदिर समिति ने कड़े किए सुरक्षा नियम
इस शर्मनाक घटना के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की काफी किरकिरी हुई थी, जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने चढ़ावे की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कई बड़े और कड़े कदम उठाए हैं:
-
बिना जेब वाले कपड़े (Pocket-less Uniform): दानपात्रों से निकलने वाली नकदी की गिनती करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए अब बिना जेब वाली विशेष पोशाक पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
-
हाई-टेक सीसीटीवी और लाइव मॉनिटरिंग: काउंटिंग रूम को पूरी तरह से हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरों से लैस कर दिया गया है, जिसकी लाइव मॉनिटरिंग सीधे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
-
थ्री-लेयर चेकिंग: गिनती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कमरे से बाहर आने वाले हर व्यक्ति और कर्मचारी की मेटल डिटेक्टर और शारीरिक रूप से सघन तलाशी ली जा रही है।
एसआईटी का कहना है कि आस्था के केंद्र में इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रमोद नौटियाल को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके।