सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म की प्रशासनिक व्यवस्था

सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म की प्रशासनिक व्यवस्था

झारखंड की राजधानी रांची और मुख्यमंत्री के पैतृक गांव से इस वक्त एक बहुत बड़ी और प्रशासनिक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की पूजनीय माता रूपी सोरेन के निधन के पश्चात होने वाले आगामी श्राद्धकर्म और धार्मिक कर्मकांडों को लेकर राज्य सरकार ने पुख्ता और चाक-चौबंद तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस उच्च-स्तरीय पारिवारिक और सार्वजनिक महत्व के आयोजन के दौरान देश और राज्यभर से आने वाले तमाम वीवीआईपी (VVIP), विशिष्ट अतिथियों, राजनेताओं और आम जनता की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का जिम्मा सीधे तौर पर राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया गया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस पूरे पांच दिवसीय अनुष्ठान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए कुल 13 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस आयोजन को लेकर कितनी संवेदनशील और गंभीर है।

15 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होंगे विभिन्न कर्मकांड, चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन का श्राद्धकर्म और पारंपरिक धार्मिक कर्मकांड आगामी 15 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक पूरी भव्यता और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होंगे। इन पांच दिनों के दौरान होने वाले विभिन्न धार्मिक और सामाजिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए देश के कई जाने-माने राजनेता, विभिन्न दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और गणमान्य लोग झारखंड पहुंचने वाले हैं। अतिथियों के आगमन, उनके ठहरने के स्थलों, सभा स्थलों और रूट चार्ट को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिन 13 आईपीएस अधिकारियों को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों और शिफ्टों में लगातार कैंप करेंगे तथा स्थानीय पुलिस बल, जिला प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहेंगे।

प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाले अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश, वीवीआईपी मूवमेंट रहेगा हाई-अलर्ट पर

श्राद्धकर्म जैसे संवेदनशील और शोक-संतप्त पारिवारिक आयोजन के दौरान सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो, इसके लिए पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने पहले ही एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक कर ली है। तैनात किए गए सभी 13 आईपीएस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मातहत पुलिस कर्मियों के साथ लगातार गश्त पर रहें और ट्रैफिक व्यवस्था को इस प्रकार से संचालित करें कि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री आवास और पैतृक गांव की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग और पुलिस चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से सादे कपड़ों में भी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके और किसी भी आपात स्थिति से चुस्ती के साथ निपटा जा सके।

झारखंड सरकार और हेमंत सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचेंगे देश भर के दिग्गज नेता

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई थी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की थीं। अब श्राद्धकर्म के इन पांच दिनों में देश के कोने-कोने से दिग्गज नेताओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए झारखंड की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राज्य की जनता और आने वाले मेहमानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस प्रकार एक पारिवारिक अनुष्ठान को इतने बड़े प्रशासनिक और सुरक्षा घेरे के साथ संपन्न कराना यह दर्शाता है कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा और प्रोटोकॉल प्रबंधन के मामले में सरकार कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहती है।