पिपरवार-टंडवा मार्ग पर CISF की बस और कार में भीषण टक्कर, रैयत विस्थापित मोर्चा अध्यक्ष की दर्दनाक मौत
झारखंड के चतरा जिले अंतर्गत पिपरवार-टंडवा मुख्य मार्ग पर मंगलवार को एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जिसने पूरे कोयलांचल क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को ड्यूटी पर ले जा रही एक बस और विपरीत दिशा से आ रही एक निजी कार के बीच जोरदार सीधी भिड़ंत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए और कार चला रहे रैयत विस्थापित मोर्चा के सम्मानित अध्यक्ष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क किनारे जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और विस्थापित मोर्चा के समर्थकों की भारी भीड़ मौके पर एकत्र हो गई, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
कैसे हुआ भीषण हादसा: आमने-सामने से टकराए दोनों वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिपरवार-टंडवा मार्ग पर कोयला खदानों और औद्योगिक इकाइयों के चलते अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। मंगलवार को जब सीआईएसएफ जवानों से भरी बस अपने गंतव्य की ओर जा रही थी, तभी सामने से आ रही कार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के खेतों और दुकानों में मौजूद लोग घबराकर सड़क की तरफ दौड़ पड़े। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया था और मोर्चा अध्यक्ष उसमें गंभीर रूप से फंस गए थे। स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। बस में सवार कुछ जवानों को भी झटके की वजह से हल्की चोटें आने की खबर है, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
विस्थापितों के हक की मुखर आवाज थे मोर्चा अध्यक्ष
रैयत विस्थापित मोर्चा के अध्यक्ष की असामयिक मृत्यु से पूरे विस्थापित समुदाय और स्थानीय जनता में गहरा शोक व्याप्त हो गया है। वे लंबे समय से स्थानीय रैयतों, जमीन दाताओं और कोलियरी विस्थापितों के हक, उचित मुआवजे और स्थानीय स्तर पर रोजगार की मांग को लेकर संघर्षरत थे। क्षेत्र में उनकी पहचान एक जुझारू और संवेदनशील नेता के तौर पर थी, जो हर सुख-दुख में विस्थापित परिवारों के साथ खड़े नजर आते थे। उनकी आकस्मिक मौत को स्थानीय विस्थापित राजनीति और मजदूर आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। उनके निधन की खबर मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और मजदूर यूनियनों ने गहरा शोक प्रकट किया है।
मौके पर उमड़ा जनसैलाब, पुलिस-प्रशासन ने स्थिति संभाली
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर भारी तनाव का माहौल बन गया। आक्रोशित स्थानीय लोगों और समर्थकों ने मार्ग पर सुरक्षा उपायों, स्पीड ब्रेकर और ओवरस्पीडिंग पर रोक लगाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच व नियमानुसार उचित मुआवजे का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।