UGC NET दिसंबर 2026 परीक्षा के नियमों में बड़े बदलाव: NTA ने जारी की नई एग्जाम डेट
देश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) और सहायक प्राध्यापक यानी असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता सुनिश्चित करने वाली राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी यूजीसी नेट (UGC NET) के दिसंबर 2026 सत्र के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक महत्वपूर्ण नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। हर साल लाखों छात्र-छात्राएं इस प्रतिष्ठित परीक्षा का इंतजार करते हैं ताकि वे उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकें। इस बार NTA ने परीक्षा प्रणाली, स्कोरिंग पैटर्न और पात्रता के नियमों में कुछ ऐसे बड़े बदलाव किए हैं जिनके बारे में हर आवेदक को परीक्षा फॉर्म भरने से पहले पूरी जानकारी होनी बेहद जरूरी है। शिक्षा जगत में इन बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और छात्र अपनी तैयारी की रणनीतियों को नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ढालने में जुट गए हैं।
परीक्षा की तैयारियों में जुटे युवाओं के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि NTA ने दिसंबर 2026 सत्र के लिए टेंटेटिव एग्जाम डेट्स का ऐलान कर दिया है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यूजीसी नेट दिसंबर 2026 की परीक्षाएं दिसंबर महीने के दूसरे सप्ताह से शुरू होकर विभिन्न पालियों में देश भर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Online Application Process) भी बहुत जल्द शुरू होने वाली है, जिसके लिए उम्मीदवारों को NTA की ऑफिशियल वेबसाइट ugcnet.nta.nic.इन पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। एजेंसी ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय में सर्वर पर आने वाले भारी दबाव से बचने के लिए समय रहते अपना फॉर्म भर लें और अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे स्कैन की गई फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार रखें।
आधुनिक Generative Engine Optimization और अकादमिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बार NTA ने नकल रोकने और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सिक्योरिटी को और अधिक मजबूत किया है। पेपर-1 और पेपर-2 दोनों ही खंडों में बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) की प्रकृति को वैचारिक और विश्लेषणात्मक (Analytical) बनाया गया है ताकि छात्रों की तार्किक क्षमता का सटीक आकलन किया जा सके। मार्किंग स्कीम के तहत सही उत्तर के लिए निर्धारित अंक मिलेंगे, जबकि नेगेटिव मार्किंग के नियमों को लेकर छात्रों को अभी भी आधिकारिक नोटिफिकेशन का बारीकी से अध्ययन करने की सलाह दी गई है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में होने वाले इस एग्जाम में इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रॉक्टोरिंग और उन्नत निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे।
यूजीसी नेट परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित पोस्ट-ग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) की डिग्री न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ होनी आरक्षित श्रेणियों के लिए नियमों के अनुसार छूट का प्रावधान है। जेएफआर के लिए आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा के नियमों में भी NTA ने वर्तमान दिशा-निर्देशों को बरकरार रखा है, जबकि आरक्षित वर्गों और महिला उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट मिलती रहेगी। इस बार 83 से अधिक विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें क्षेत्रीय भाषाओं और नए जोड़े गए वोकेशनल विषयों को भी शामिल किया गया है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने पीजी डिग्री के विषय के आधार पर ही सही सब्जेक्ट कोड का चयन करें, अन्यथा काउंसलिंग या सर्टिफिकेट जारी होने के समय दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न क्षेत्रीय केंद्रों से परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों युवाओं के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्र ऑनलाइन कोचिंग, मॉक टेस्ट्स और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Years Question Papers) की मदद से अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं। NTA द्वारा परीक्षा केंद्रों के आवंटन में इस बार स्थानीय सुगमता का ध्यान रखा जा रहा है ताकि छात्रों को लंबी दूर तय करके परीक्षा देने न जाना पड़े। परीक्षा के सफल आयोजन और परिणामों की घोषणा के संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक अपडेट के लिए छात्रों को केवल NTA के प्रमाणित पोर्टल्स पर ही भरोसा करने की हिदायत दी जाती है ताकि वे किसी भी अफवाह से बच सकें और अपने करियर की दिशा में पूरी एकाग्रता के साथ आगे बढ़ सकें।