45 की उम्र में मां ने क्रैक किया IIT, अब 21 साल के बेटे के साथ एक ही कैंपस में करेगी पढ़ाई

45 की उम्र में मां ने क्रैक किया IIT, अब 21 साल के बेटे के साथ एक ही कैंपस में करेगी पढ़ाई

उम्र सिर्फ एक संख्या है, इस बात को सच साबित कर दिखाया है एक जुझारू मां ने। जब लोग करियर में ठहराव या रिटायरमेंट की प्लानिंग करने लगते हैं, उस उम्र में इस महिला ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली आईआईटी (IIT) की परीक्षा पास कर ली है। सबसे अनोखी बात यह है कि अब यह मां अपने 21 साल के सगे बेटे के साथ एक ही संस्थान के कैंपस में पढ़ाई करती नजर आएगी। इस असाधारण सफलता ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि देश भर के उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है जो जिम्मेदारियों के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ देते हैं।

घरेलू जिम्मेदारियों के बीच पाला पढ़ाई का सपना

इस सफर की शुरुआत आसान नहीं थी। शादी, परिवार और बच्चों की परवरिश के बीच अक्सर महिलाओं के सपने कहीं पीछे छूट जाते हैं। लेकिन इस कहानी की नायक ने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को कभी अपने लक्ष्यों के आड़े नहीं आने दिया। दिनभर घर के कामकाज निपटाने के बाद जब पूरी दुनिया सो जाती थी, तब वह देर रात तक किताबों के बीच जागती थीं। उनके इस कठिन परिश्रम में उनके 21 वर्षीय बेटे ने भी उनका पूरा साथ दिया, जो खुद भी आईआईटी का छात्र है। दोनों अक्सर एक-दूसरे के साथ स्टडी मैटेरियल शेयर करते थे और मुश्किल टॉपिक्स पर चर्चा किया करते थे।

बेटे की प्रेरणा से पार की देश की सबसे कठिन परीक्षा

जब बेटे का दाखिला देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थान में हुआ, तो मां के भीतर छिपी पढ़ाई की ललक फिर से जाग उठी। बेटे ने अपनी मां के इस जज्बे को पहचाना और उन्हें आईआईटी की प्रवेश परीक्षा (IIT JAM) देने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में उम्र के इस पड़ाव पर दोबारा पढ़ाई शुरू करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि सालों पहले छोड़े जा चुके सिलेबस को नए सिरे से समझना था। लेकिन मां के दृढ़ संकल्प और बेटे के सही मार्गदर्शन ने इस मुश्किल को आसान बना दिया। आखिरकार, जब परीक्षा के नतीजे घोषित हुए, तो उन्होंने न सिर्फ परीक्षा क्रैक की, बल्कि शानदार रैंक हासिल कर सीधे आईआईटी कैंपस का टिकट पा लिया।

एक ही आईआईटी कैंपस में अब साथ दिखेंगे मां और बेटा

इस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद अब दोनों मां-बेटा एक ही कैंपस की हवा में सांस लेंगे और अपनी उच्च शिक्षा पूरी करेंगे। यह भारतीय शिक्षा के इतिहास में अपने आप में एक बेहद दुर्लभ और खूबसूरत नजारा होगा, जहां एक क्लास या डिपार्टमेंट की कैंटीन में मां और बेटा एक साथ स्टूडेंट के रूप में मौजूद होंगे। स्थानीय स्तर पर इस खबर के सामने आते ही आस-पास के जिलों और पूरे राज्य में इस मां की जमकर सराहना हो रही है। लोग इसे महिला सशक्तिकरण और उम्र की सीमाओं को तोड़ने वाला एक बड़ा कदम मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस सफलता की कहानी तेजी से ट्रेंड कर रही है।

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