IAS विकास मरमत कौन हैं? महज 23 साल की उम्र में क्रैक किया UPSC
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के संघर्ष और उनकी सफलता की कहानियां हमेशा से देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणा का स्त्रोत रही हैं। इन दिनों प्रशासनिक गलियारों और सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही नाम बहुत तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, और वह नाम है युवा और तेजतर्रार आईएएस अधिकारी विकास मरमत (IAS Vikas Marmat) का। बहुत ही कम उम्र में देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी (UPSC Civil Services Examination) की परीक्षा को पहले ही प्रयास में और शानदार रैंक के साथ पास करके प्रशासनिक सेवा में कदम रखने वाले विकास मरमत की कहानी हर उस छात्र के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत के दम पर कुछ बड़ा करने का जज्बा रखता है। उनकी कार्यशैली, सादगी और शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हें आम जनता के बीच भी काफी लोकप्रिय बना दिया है।
आईआईटी और जेएनयू जैसे देश के शीर्ष संस्थानों से पूरी की है उच्च शिक्षा, अकादमिक रिकॉर्ड रहा है बेहद शानदार
किसी भी सिविल सेवा अभ्यर्थी की सफलता के पीछे उसकी मजबूत शैक्षणिक नींव का बहुत बड़ा योगदान होता है। आईएएस विकास मरमत की एजुकेशनल बैकग्राउंड (Educational Background) पर नजर डाली जाए तो उनका अकादमिक करियर बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी (IIT) से अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने देश के एक अन्य शीर्ष और वैचारिक रूप से मुखर माने जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू (JNU) से भी उच्च शिक्षा प्राप्त की। इन दोनों महान संस्थानों से पढ़ाई करने के दौरान उन्होंने न केवल तकनीकी और अकादमिक ज्ञान अर्जित किया, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बहुत करीब से समझा और परखा, जिसने आगे चलकर सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (Interview) के दौरान उनकी वैचारिक स्पष्टता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
महज 23 साल की कम उम्र में यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक कर रचा था इतिहास
यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए आमतौर पर छात्र सालों-साल कड़ी मेहनत करते हैं और कई प्रयासों के बाद सफलता हासिल करते हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे असाधारण प्रतिभा के धनी युवा होते हैं जो अपनी जवानी के शुरुआती पड़ाव पर ही इस मुकाम को हासिल कर लेते हैं। विकास मरमत ने जब यूपीएससी की परीक्षा पास की थी, तब उनकी उम्र महज 23 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में देश के सबसे बड़े प्रशासनिक पद की जिम्मेदारी संभालना और अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय देना कोई आसान काम नहीं है। उनके परिवार, शिक्षकों और मित्रों के लिए यह गर्व का क्षण था। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि सही दिशा में पक्की रणनीति, अटूट लगन और समय का सही प्रबंधन करके तैयारी की जाए, तो उम्र कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती। उनकी इस सफलता ने उन तमाम छोटे शहरों और गांवों के युवाओं को यह उम्मीद दी कि वे भी अपने सपनों को सच कर सकते हैं।
इन दिनों क्यों अचानक सुर्खियों में आए हैं आईएएस विकास मरमत और क्या है ताजा मामला?
अपनी बेहतरीन कार्यकुशलता और ईमानदारी के लिए जाने जाने वाले आईएएस विकास मरमत इन दिनों एक बार फिर से मीडिया और प्रशासनिक सुर्खियों के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में उनके द्वारा लिए गए कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसलों, जनता से जुड़े मुद्दों पर उनकी त्वरित कार्रवाई और सोशल मीडिया पर उनके सफर से जुड़ी जानकारियों के वायरल होने के बाद लोगों ने उनके बारे में और अधिक जानने की जिज्ञासा दिखाई है। आज के दौर में जब युवा आईएएस अधिकारी अपनी कार्यशैली से शासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहे हैं, तो विकास मरमत का नाम उसमें प्रमुखता से लिया जाता है। उनकी यह पूरी जीवन यात्रा हमें यह सिखाती है कि उच्च शिक्षा, कम उम्र में अनुशासन और देश सेवा का जज्बा अगर एक साथ मिल जाए, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।