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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मिडिल ईस्ट में इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने जहां पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं, वहीं भारतीय उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक में एलपीजी (LPG) और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 'मास्टर प्लान' तैयार किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस और तेल का पर्याप्त भंडार है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

रिफाइनरियों ने झोंकी ताकत: उत्पादन में 10% का इजाफा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत की सभी तेल रिफाइनरियां अब 100 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रही हैं। पिछले महज दो दिनों के भीतर एलपीजी उत्पादन में 10 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनता के बीच विश्वास बनाए रखें और उन्हें आश्वस्त करें कि भारत की सप्लाई चेन प्रबंधन प्रणाली किसी भी वैश्विक उथल-पुथल से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

लंबी कतारों का सच: 'पैनिक बुकिंग' बनी बड़ी वजह

देश के कुछ हिस्सों में गैस एजेंसियों पर दिख रही लंबी कतारों पर सरकार ने स्थिति साफ की है। अधिकारियों के अनुसार, गैस की कमी नहीं है, बल्कि 'पैनिक बुकिंग' के कारण भीड़ बढ़ रही है। जो उपभोक्ता पहले डेढ़ महीने में सिलेंडर लेते थे, वे अब युद्ध की खबरों के डर से 15-20 दिनों के भीतर ही दूसरा सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में बुकिंग और डिलीवरी के बीच का अंतर ढाई दिन से अधिक नहीं है, हालांकि अगली बुकिंग अब 25 दिनों के अंतराल पर ही संभव होगी।

आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रूट और नई रणनीति

भारत ने तेल और गैस के आयात के लिए केवल पारंपरिक रास्तों पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक समुद्री मार्गों का उपयोग शुरू कर दिया है। सरकार ने घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। रेस्तरां और होटल एसोसिएशन की चिंताओं को देखते हुए तेल कंपनियों को उनसे सीधा संवाद करने का निर्देश दिया गया है। निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो पल-पल की आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रख रही है।

प्रतिदिन 60 लाख सिलेंडरों की सप्लाई जारी

आंकड़ों पर गौर करें तो संकट से पहले देश में प्रतिदिन लगभग 60 लाख गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही थी, जो वर्तमान में भी बिना किसी कटौती के जारी है। पेट्रोल पंपों और गैस वितरकों के पास ईंधन का स्टॉक पहले की तरह ही उपलब्ध है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में स्थिति चुनौतीपूर्ण होने पर भी स्थानीय उपभोक्ताओं के हितों और उनकी जरूरतों को ही सबसे ऊपर रखा जाएगा।?