मेरठ: गेहूं क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा से तौलने को सख्त निर्देश

जिलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि घटतौली रोकने के लिए क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्राॅनिक कांटों से ही गेहूं की तौल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी केन्द्रों पर किसानों के लिए तिरपाल,

मेरठ।। मेरठ के जिलाधिकारी ने शनिवार को क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा से तौलने को सख्त निर्देश दिए हैं। वे गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करने निकले थे। बता दें ​कि 01 अप्रैल से शुरू होकर 15 जून ​तक सरकार किसानों से गेहूं खरीद करेगी।

रामराज में भारतीय खाद्य निगम, यूपीएसएस के क्रय केन्द्र, हस्तिनापुर में पीसीएफ व यूपीएसएस के क्रय केन्द्र, परीक्षितगढ में पीसीएफ के क्रय केन्द्र सहित विभिन्न क्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया और वहां कांटे को जांचा।

जिलाधिकारी के. बालाजी ने कहा कि घटतौली रोकने के लिए क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्राॅनिक कांटों से ही गेहूं की तौल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी केन्द्रों पर किसानों के लिए तिरपाल, पानी, सेनेटाईजर, साबुन आदि की व्यवस्था की जाए।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि केन्द्रों पर 1975 रुपये प्रति कुंतल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। किसानों को पीएफएमएस के माध्यम से गेहूं खरीद की धनराशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। जनपद में 40 गेहूं क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें एफसीआई के तीन, खाद्य विभाग के 12, पीसीएफ के 15, यूपीएसएस के 09 व मंडी समिति लोहियानगर का एक क्रय केंद्र शामिल है।

उन्होंने बताया कि केन्द्रों पर सुबह 09 से शाम 06 बजे तक गेहूं खरीदा जा रहा है। क्रय केंद्रों पर किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जनपद में गेहूं का रकबा करीब 87 हजार हैक्टेयर है और प्रत्येक हेक्टेयर में औसतन 48.98 कुंटल गेहूं उत्पादन होता है।

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