Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मेक्सिको के अपराध जगत का सबसे खूंखार चेहरा और 'जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल' (CJNG) का बेताज बादशाह नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ 'एल मेनचो' मारा गया है। मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पश्चिमी राज्य जलिस्को में सेना के एक विशेष ऑपरेशन के दौरान एल मेनचो गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे एयर एम्बुलेंस के जरिए मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही मेक्सिको में 'गृहयुद्ध' जैसे हालात
रॉयटर्स के मुताबिक, जैसे ही एल मेनचो की मौत की खबर फैली, उसके गुर्गों ने जलिस्को सहित मेक्सिको के कई राज्यों में तांडव मचाना शुरू कर दिया। ग्वाडालाजारा और प्यूर्टो वल्लार्टा जैसे प्रमुख शहरों में भारी हिंसा भड़क उठी है। हथियारबंद हमलावरों ने सड़कों पर गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और हाईवे जाम कर दिए। जलिस्को के गवर्नर पाब्लो लेमस नवारो ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा कारणों से अपने घरों के अंदर ही रहें।
अमेरिका का मोस्ट वॉन्टेड: सिर पर था 15 मिलियन डॉलर का इनाम
एल मेनचो केवल मेक्सिको के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी सबसे बड़ा दुश्मन था। वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली आपराधिक गिरोहों में से एक सीजेएनजी (CJNG) का नेतृत्व कर रहा था। यह कार्टेल अमेरिका में कोकीन, मेथामफेटामाइन और घातक फेंटानिल की तस्करी का मुख्य जरिया है।
अमेरिकी इनाम: अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 15 मिलियन डॉलर (करीब 125 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया था।
आतंकवादी घोषित: पिछले साल ट्रंप प्रशासन ने इस कार्टेल को एक 'विदेशी आतंकवादी संगठन' का दर्जा दिया था।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया: 'यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि'
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने एल मेनचो के खात्मे को मेक्सिको और पूरे लैटिन अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत करार दिया है। हालांकि, हिंसा के डर से अमेरिकी दूतावास ने जलिस्को, तामाउलिपास और मिचोआकान जैसे इलाकों में अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह (Advisory) जारी की है। कनाडा सरकार ने भी अपने पर्यटकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
क्या एल मेनचो की मौत से खत्म होगा ड्रग साम्राज्य?
मेक्सिको सरकार पर लंबे समय से अमेरिका का दबाव था कि वह इन ड्रग माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे। एल मेनचो के नेतृत्व में यह गिरोह एक छोटे क्षेत्रीय गुट से बढ़कर एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बन चुका था, जो आधुनिक हथियारों और बर्बर हिंसा के लिए जाना जाता है। अब सुरक्षा विशेषज्ञों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उसके मरने के बाद सीजेएनजी बिखर जाएगा या फिर नए नेतृत्व की होड़ में मेक्सिको की सड़कों पर और अधिक खून बहेगा।




