Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के नालंदा और आसपास के जिलों के लिए लाइफलाइन माने जाने वाले दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-हुलासगंज मार्ग के दिन अब बहुरने वाले हैं। बरसों से जाम और जर्जर हालत से जूझ रहे इस रूट के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए 330 करोड़ रुपये से अधिक का विस्तृत खाका (DPR) तैयार कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई रफ्तार देखने को मिलेगी।
विधायक के सवाल पर मंत्री का मुहर: तैयार हुई 44 किमी लंबी सड़क की योजना
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विकास की यह बड़ी खबर सामने आई है। स्थानीय विधायक रुहेल रंजन द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए पथ निर्माण मंत्री ने स्पष्ट किया कि दनियावां से हुलासगंज तक जाने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के कायाकल्प की पूरी तैयारी कर ली गई है। विभाग के मुताबिक, चेनज 0.00 किमी से लेकर 44.155 किमी तक, यानी पूरी 44 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क को अब नए सिरे से चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा।
330.89 करोड़ का भारी-भरकम बजट और जाम से मुक्ति
मौजूदा समय में यह मार्ग बेहद संकीर्ण है, जबकि इस पर ट्रैफिक का दबाव उम्मीद से कहीं ज्यादा रहता है। आए दिन होने वाले सड़क हादसों और घंटों लगने वाले जाम ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर रखा था। सरकार ने इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए 330 करोड़ 89 लाख 40 हजार रुपये का प्राक्कलन (Estimate) तैयार किया है। इस राशि से न केवल सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, बल्कि मोड़ को सीधा करने और पुल-पुलियों के सुदृढ़ीकरण पर भी काम होगा।
व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए बनेगी 'जीवनरेखा'
दनियावां-हुलासगंज मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक ढांचे की रीढ़ है। हिलसा, एकंगरसराय और हुलासगंज जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने वाली यह सड़क व्यापार, बेहतर शिक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सबसे छोटा रास्ता प्रदान करती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चौड़ीकरण के बाद न केवल सफर का समय कम होगा, बल्कि इलाके में नए उद्योगों और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर जल्द शुरू होगा काम
पथ निर्माण विभाग ने साफ किया है कि योजना का तकनीकी खाका तैयार है और अब संसाधनों की उपलब्धता व प्राथमिकता के आधार पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस घोषणा के बाद से ही क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी कुछ महीनों में धरातल पर काम शुरू हो जाएगा, जिससे इस मार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।




