मुंबई में 'स्पेशल 26' जैसा कांड: असली सरकारी अफसरों ने रची फर्जी इनकम टैक्स रेड की साजिश
फिल्म 'स्पेशल 26' की कहानी तो आपने पर्दे पर कई बार देखी होगी, जिसमें शातिर ठग सरकारी अफसर बनकर अमीर लोगों के यहां फर्जी छापेमारी करते थे और करोड़ों रुपये समेटकर चंपत हो जाते हैं। लेकिन महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई से जो हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, उसने फिल्मी कहानी को भी पीछे छोड़ दिया है। यहां किसी ठग गिरोह ने नहीं, बल्कि खुद महकमे के खाकी और सफेदपोश पदों पर बैठे असली सरकारी अधिकारियों ने मिलकर एक जाने-माने व्यापारी के घर पर फर्जी रेड डालने का एक ऐसा खौफनाक और शातिर षड्यंत्र रचा, जिसे सुनकर पुलिस विभाग के भी होश उड़ गए। आरोपियों ने व्यापारी को कानूनी शिकंजे में फंसाने का डर दिखाकर उससे चुपचाप एक करोड़ रुपए की भारी-भरकम घूस की मांग की थी। हालांकि, पीड़ित व्यापारी की सूझबूझ और मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते इन भ्रष्ट अफसरों का यह अवैध खेल समय रहते बेनकाब हो गया और पूरा सिंडिकेट सलाखों के पीछे पहुंच गया।
#मुंबई के हाई-प्रोफाइल इलाके में इनकम टैक्स रेड के नाम पर रची गई खौफनाक साजिश
यह सनसनीखेज वारदात मुंबई के एक पॉश और व्यावसायिक इलाके में घटी, जहां एक प्रतिष्ठित व्यापारी अपने परिवार के साथ रहते हैं और उनका कारोबार देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है। साजिश के तहत कुछ लोग खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों और आयकर विभाग के बड़े अधिकारी बताकर अचानक उस व्यापारी के घर और दफ्तर पर आ धमके। उनके हाथ में कुछ ऐसी फाइलें और दस्तावेज थे जिन्हें देखकर पहली नजर में किसी को भी यह शक नहीं हो सकता था कि वे फर्जी हैं। उन तथाकथित अधिकारियों ने दावा किया कि व्यापारी के कारोबार में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और बेनामी संपत्ति का मामला पकड़ा गया है, जिसकी वजह से उनके पूरे बिजनेस को सील किया जा सकता है और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है। व्यापारी और उसका परिवार इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरी तरह से सहम गया और वे समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर उनकी किस गलती की सजा उन्हें इस तरह अचानक दी जा रही है।
#असली अफसरों का निकला गिरोह, डरा-धमकाकर मांगी गई एक करोड़ की भारी घूस
जब उन फर्जी जांचकर्ताओं ने देखा कि व्यापारी और उसका परिवार पूरी तरह से डर के साये में आ चुका है, तो उन्होंने अपने असली रंग दिखाने शुरू कर दिए। उन्होंने मामले को रफा-दफा करने और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचाने के एवज में सीधे तौर पर एक करोड़ रुपये की घूस की मांग सामने रख दी। आरोपियों ने व्यापारी को यह धमकी भी दी कि यदि उसने तुरंत पैसों का इंतजाम नहीं किया, तो उसके व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी और मीडिया में उसकी बदनामी भी कर दी जाएगी। तनाव और डर के उस माहौल में व्यापारी ने किसी तरह खुद को संभाला और आरोपियों से कुछ दिनों का समय मांगने की बात कही। लेकिन भीतर ही भीतर व्यापारी को इस पूरी कार्रवाई पर कुछ संदेह होने लगा क्योंकि जिस तरह के तौर-तरीके वे अपना रहे थे और तुरंत कैश की मांग कर रहे थे, वह किसी स्थापित सरकारी प्रक्रिया से मेल नहीं खा रहा था।
#व्यापारी की सूझबूझ और मुंबई पुलिस की एंटी करप्शन विंग का मास्टरस्ट्रोक
घूस की इतनी बड़ी रकम देने के बजाय उस समझदार व्यापारी ने बिना एक भी पल गंवाए सीधे मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से संपर्क साधा। उन्होंने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि किस तरह कुछ लोग सरकारी अफसर बनकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। मुंबई पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया और व्यापारी को निर्देश दिया कि वह आरोपियों से बातचीत जारी रखे। पुलिस ने योजना के मुताबिक पैसों के लेन-देन की अगली मीटिंग तय करवाई और जैसे ही वे भ्रष्ट अधिकारी उस एक करोड़ की घूस की पहली किस्त लेने के लिए तयशुदा ठिकाने पर पहुंचे, पहले से ही सादे कपड़ों में तैनात पुलिस की टीमों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
#पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, महकमे के असली लोग निकले मास्टरमाइंड
जब पुलिस ने उन आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो जो सच सामने आया उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। जिन लोगों को व्यापारी साधारण ब्लैकमेलर या ठग समझ रहा था, वे असल में किसी बाहरी गिरोह के सदस्य नहीं बल्कि सरकारी तंत्र के अंदर ही ऊंचे पदों पर बैठे सक्रिय अधिकारी और कर्मचारी निकले। इन शातिर दिमाग लोगों ने अपने पद और गोपनीयता का दुरुपयोग करते हुए इस पूरी फर्जी रेड की पटकथा लिखी थी ताकि वे आसानी से किसी बड़े कारोबारी को निशाना बनाकर रातों-रात अमीर बन सकें। उनके पास से कुछ असली सरकारी दस्तावेज, फर्जी मोहरें और धमकियों में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट ने इससे पहले किन-किन अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस काले कारखाने में उनके साथ और कौन-कौन बड़े चेहरे शामिल हैं।
#भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश और प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
मुंबई पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भूचाल आ गया है। इस घटना ने एक बार फिर से इस बात को उजागर कर दिया है कि किस तरह कुछ भ्रष्ट लोग अपनी वर्दी और ओहदे की आड़ में आम नागरिकों और व्यापारियों का शोषण करने से बाज नहीं आते। इस खुलासे के बाद से मुंबई के व्यापारिक समुदाय में एक तरफ जहां राहत की सांस ली जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस बात को लेकर गहरी चिंता भी है कि यदि रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो आम आदमी खुद को कैसे सुरक्षित रखेगा। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश रचने की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है ताकि इस गिरोह के बाकी गुर्गों का भी पर्दाफाश किया जा सके।