वनडे क्रिकेट में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 5 जांबाज: दो के नाम दर्ज है दोहरा शतक
क्रिकेट के सीमित ओवरों के प्रारूप यानी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) मैचों में जब भी किसी कप्तान द्वारा खेली गई सबसे विस्फोटक और ऐतिहासिक पारियों का जिक्र होता है, तो दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में कई रिकॉर्ड ताज़ा हो जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कप्तानी का दबाव अच्छे-अच्छे दिग्गजों के खेल को प्रभावित कर देता है, लेकिन दुनिया के कुछ ऐसे चुनिंदा और असाधारण कप्तान भी हुए हैं जिन्होंने कमान संभालने के बाद मैदान पर ऐसी तबाही मचाई कि विरोधी गेंदबाजों के पसीने छूट गए। आज हम आपको एकदिवसीय क्रिकेट इतिहास के उन पांच सबसे महान कप्तानों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने बतौर कप्तान वनडे मैच में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियां खेलकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर कर लिया है। खास बात यह है कि इस सूची में दो ऐसे महान खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने वनडे प्रारूप में दोहरा शतक जड़ने का कारनामा किया है, और भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग का चौदह साल पुराना वह महारिकॉर्ड आज भी दुनिया भर के कप्तानों के लिए एक अटूट दीवार बना हुआ है। आइए विस्तार से जानते हैं उन पांच कप्तानों की इस खास फेरिस्त के बारे में।
#वीरेंद्र सहवाग: चौदह साल से दुनिया के क्रिकेट पटल पर अटूट और अमर है यह भारतीय महारिकॉर्ड
इस सूची में सबसे ऊपर नाम आता है भारत के नवाब ऑफ नजफगढ़ कहे जाने वाले आक्रामक बल्लेबाज और पूर्व कप्तान वीरेंद्र सहवाग का, जिन्होंने आज से चौदह साल पहले यानी साल 2011 में इंदौर के होलकर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक ऐसी दैवीय पारी खेली थी जिसका रिकॉर्ड आज तक कोई कप्तान नहीं तोड़ पाया है। वीरेंद्र सहवाग ने उस ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं और महज़ 149 गेंदों का सामना करते हुए 25 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 219 रनों की अभूतपूर्व पारी खेली थी। वनडे क्रिकेट इतिहास में किसी भी कप्तान द्वारा खेली गई यह सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है, और पिछले चौदह वर्षों से यह महारिकॉर्ड आज भी भारतीय क्रिकेट के नाम पर गर्व से कायम है। सहवाग की उस आक्रामक बल्लेबाजी शैली को आज भी क्रिकेट प्रेमी भूला नहीं पाए हैं, जहाँ उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बारिश कर दी थी।
#रोहित शर्मा: 'हिटमैन' के नाम दर्ज है वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतकों का अनोखा विश्व कीर्तिमान
भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा कप्तान और आधुनिक युग के सबसे विध्वंसक सलामी बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा का नाम इस सूची में दूसरे स्थान पर आता है, जिन्हें दुनिया प्यार से 'हिटमैन' के नाम से जानती है। रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ मोहाली के मैदान पर साल 2017 में भारतीय टीम की कप्तानी संभालते हुए एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और नाबाद 208 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। रोहित शर्मा दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक जड़े हैं, और जब उन्होंने बतौर कप्तान यह दूसरा दोहरा शतक लगाया था, तो पूरा स्टेडियम झूम उठा था। उनकी इस पारी में 13 बेहतरीन छक्के और 12 चौके शामिल थे, जो इस बात का प्रमाण है कि जब रोहित क्रीज पर टिक जाते हैं, तो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ना तय है। कप्तानी के दबाव को दरकिनार करते हुए इस तरह की बड़ी पारी खेलना केवल रोहित शर्मा जैसे महान बल्लेबाज के ही बस की बात है।
#मार्क टेलर और ग्राहम पोलार्ड: ऑस्ट्रेलियाई और अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की विस्फोटक पारियां
वनडे क्रिकेट इतिहास में कप्तानी के दौरान सबसे बड़ी पारियां खेलने वाले अन्य दिग्गजों में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर और जिम्बाब्वे या अन्य देशों के विस्फोटक बल्लेबाज शामिल रहे हैं, जिन्होंने समय-समय पर अपनी टीमों को संकट से निकालकर विशाल स्कोर खड़े किए हैं। हालांकि, आधुनिक क्रिकेट के इस दौर में टी20 और वनडे की तेज रफ्तार शैली के कारण कप्तानों के लिए क्रीज पर टिककर लंबी पारियां खेलना और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि अब कप्तान पावरप्ले और डेथ ओवर्स की रणनीतियों में उलझे रहते हैं। इसके बावजूद, जब भी कोई कप्तान अपनी टीम के लिए आगे बढ़कर नेतृत्व करता है और पारी की शुरुआत से लेकर अंत तक क्रीज पर डटा रहता है, तो वह अपने देश के लिए एक नया इतिहास रच देता है। सहवाग और रोहित शर्मा जैसे भारतीय कप्तानों ने इस मामले में जो मानक स्थापित किए हैं, वे दुनिया भर के उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं।
#मार्क बाउचर और सनथ जयसूर्या: जब कप्तानों ने बल्ले से बरपाया मैदान पर कहर
श्रीलंका के महान ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या ने भी अपने शानदार करियर के दौरान कई ऐसी पारियां खेली हैं जिन्होंने विपक्षी टीमों के होश उड़ा दिए थे, हालांकि जब बात कप्तानी के तहत सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर की आती है, तो भारत के दोनों धुरंधर इस सूची में सबसे ऊपर काबिज हैं। कप्तानी संभालते हुए मैदान पर उतरना और अपनी व्यक्तिगत फॉर्म के साथ-साथ पूरी टीम की रणनीतिक जिम्मेदारी संभालना एक बहुत बड़ा मानसिक दबाव होता है। ऐसे में मैदान पर उतरकर दोहरा शतक जड़ना या 200 के करीब रन बनाना यह साबित करता है कि उन खिलाड़ियों की मानसिक दृढ़ता और फोकस आम खिलाड़ियों से कितना अलग था। यही वजह है कि आज भी जब क्रिकेट के रिकॉर्ड्स की किताबें खोली जाती हैं, तो वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा का नाम सबसे चमकीले अक्षरों में लिखा मिलता है।
#आधुनिक क्रिकेट में कप्तानों के लिए इस महारिकॉर्ड को तोड़ना क्यों है सबसे बड़ी चुनौती
आज के इस आधुनिक और व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल में जहाँ हर साल टी20 लीग और लगातार सीरीज खेली जाती हैं, वनडे फॉर्मेट में 50 ओवर तक टिककर खेलना और एक कप्तान के रूप में 200 से अधिक रन बनाना किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं है। यही कारण है कि वीरेंद्र सहवाग का चौदह साल पुराना यह महारिकॉर्ड आज भी पूरी तरह से सुरक्षित और अचूक बना हुआ है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में भी इस रिकॉर्ड को तोड़ पाना किसी भी नए कप्तान के लिए एक बहुत बड़ा पहाड़ चढ़ने जैसा होगा। जब तक कोई नया आक्रामक कप्तान सहवाग और रोहित शर्मा जैसी अद्भुत मानसिकता के साथ मैदान पर नहीं उतरता, तब तक यह रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट की शान बनकर इसी तरह अमर रहेगा और दुनिया भर के खेलप्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा।