Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर और अफसरों की अनुपस्थिति से होने वाली परेशानी से राहत देने के लिए ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ (Ease of Living) योजना के तहत एक बड़ा फैसला लिया है।
क्या है नई व्यवस्था?
अब सभी सरकारी अधिकारी हर सोमवार और शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस दौरान आम लोग सीधे अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायतें और समस्याएं रख सकेंगे।
यह व्यवस्था ग्राम पंचायत से लेकर थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला और राज्य स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सम्मानपूर्वक व्यवहार करें, समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनें और त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
कौन क्या करेगा
शिकायत पंजीकरण: हर कार्यालय में शिकायत पंजी संधारित की जाएगी।
अनुश्रवण: शिकायतों का सतत अनुश्रवण होगा ताकि केवल सुनवाई नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित किया जा सके।
सुविधाएं: कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रभाव और तारीख
यह नई व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे न केवल आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
आम नागरिक अपने सुझाव 10 जनवरी 2026 तक भेज सकते हैं ताकि इस पहल को और बेहतर बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री का संदेश
नीतीश कुमार ने भरोसा जताया कि यह कदम राज्य के नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होगा और उनके जीवन को आसान बनाने की दिशा में मील का पत्थर बनेगा।




