Prabhat Vaibhav,Digital Desk : गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर जो दृश्य नजर आया, वह सिर्फ एक नेता का स्वागत नहीं था, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर बदले हुए राजनीतिक मिजाज और संगठनात्मक अनुशासन का साफ़ संदेश भी था। बिहार मूल के युवा नेता और भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन पर वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने दिखा दिया कि अब पार्टी में नेतृत्व और संगठन का नया पैटर्न स्पष्ट रूप से लागू हो रहा है।
भव्य स्वागत और राजनीतिक संदेश
दो दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे नितिन नवीन का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नीतीश कैबिनेट में भाजपा कोटे के कई मंत्री, वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
राजनीतिक गलियारों में इस स्वागत को चर्चा का विषय माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दौरे पर एयरपोर्ट पर ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिला था। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह निर्देश पहले ही दे दिया था कि नितिन नवीन के हर दौरे पर वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इस निर्देश का असर गुरुवार को साफ़ दिखा।
संगठन में अनुशासन और युवाओं को बढ़ती जिम्मेदारी
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने इस अवसर पर कहा,
"भाजपा में युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है और इसे लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है। संगठन में अनुशासन और नेतृत्व के प्रति सम्मान ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है।"
उनके बयान को संगठनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि भाजपा में अब नेतृत्व और अनुशासन के पालन को प्राथमिकता दी जा रही है।
मकर संक्रांति और पारंपरिक दही-चूड़ा भोज
नितिन नवीन पटना दौरे पर मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन भी करेंगे। हर साल यह आयोजन होता रहा है, लेकिन कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला कार्यक्रम है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अध्यक्ष चुने जाने से सिर्फ पांच दिन पहले ही नितिन नवीन अचानक पटना पहुंचे थे, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर शुरू हो गया था।
अब उनके स्वागत और आगामी भोज को संगठन में उनकी मजबूत स्थिति और पार्टी आलाकमान के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।




