Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अहम पहल की घोषणा की है। इसके तहत बुजुर्गों को उनके घर पर ही जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि इस योजना को प्राथमिकता के साथ जल्द लागू किया जाए। यह योजना सरकार की ‘सात निश्चय’ पहल के अंतर्गत लाई जा रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि 4 नवंबर 2005 से जब से राज्य में उनकी सरकार बनी है, तब से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए काम किया गया है। उन्होंने लिखा कि बिहार सरकार पूरे राज्य को अपना परिवार मानती है और हर नागरिक के मान-सम्मान का ध्यान रखना उसकी प्राथमिकता है।
नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के सभी लोग सम्मान के साथ और बिना किसी परेशानी के जीवन व्यतीत कर सकें। इसी सोच के तहत बुजुर्गों के लिए घर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में गंभीरता से काम शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 से 2030 के लिए ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है। इस कार्यक्रम का सातवां निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ है, जिसके तहत नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन को सरल बनाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की पहली कोशिश यह है कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को समय पर उनके घर पर ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इसके तहत नर्सिंग सहायता, घर पर पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर और ईसीजी जांच, फिजियोथेरेपी तथा आपात स्थिति में जरूरी चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को बुजुर्गों तक घर बैठे पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही नीतीश कुमार ने आम लोगों से भी सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को और बेहतर बनाने के लिए किन-किन सुविधाओं को जोड़ा जा सकता है, इस पर सुझाव दिए जा सकते हैं। लोग अपने सुझाव ईमेल के जरिए या डाक द्वारा मुख्यमंत्री सचिवालय तक भेज सकते हैं।
गौरतलब है कि बिहार कैबिनेट ने हाल ही में 2025 से 2030 तक के लिए ‘सात निश्चय-3’ को मंजूरी दी है। इससे पहले राज्य सरकार दो बार सात निश्चय कार्यक्रम लागू कर चुकी है।




