एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज 'पंजाब बंद

एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आज 'पंजाब बंद

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ लगातार मुहिम चलाने वाले प्रमुख एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट (Anti-Drug Activist) परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई निर्मम हत्या के विरोध में आज, 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में 'पंजाब बंद' (Punjab Bandh) का आयोजन किया गया है। इंसाफ मोर्चा, स्थानीय संघर्ष समितियों, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और विपक्षी दलों के आह्वान पर बुलाए गए इस 11 घंटे के (सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक) बंद का व्यापक असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। मानसा, बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे प्रमुख शहरों में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और निजी स्कूल पूरी तरह बंद हैं। इस बंद के आह्वान के दौरान सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है और पूरे प्रदेश में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

जानिए आज पंजाब बंद के दौरान क्या रहेगा बंद और किन जरूरी सेवाओं को दी गई है छूट?

पंजाब बंद का असर सुबह से ही सड़कों और प्रमुख बाजारों में दिखाई देने लगा है। बंद के समर्थन में व्यापारी संगठनों, निजी परिवहन यूनियनों और किसान संगठनों के आगे आने से ज्यादातर व्यावसायिक केंद्र और निजी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं। मानसा और आसपास के क्षेत्रों में बस सेवाएं और ऑटो-रिक्शा का संचालन भी काफी प्रभावित हुआ है। हालांकि, प्रदर्शनकारी संगठनों और स्थानीय प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए सभी अत्यावश्यक सेवाओं (Essential Services) को बंद से पूरी तरह बाहर रखा गया है। अस्पताल, आपातकालीन मेडिकल स्टोर, एम्बुलेंस सेवाएं, दूध व राशन की गाड़ियां, फायर ब्रिगेड और हवाई/रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों की आवाजाही को बिना रोक-टोक जारी रखा गया है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।

क्या है परविंदर सिंह झोटा मर्डर केस, जिसने पूरे पंजाब में ला दिया उबाल?

परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से मानसा और आसपास के इलाकों में नशीली गोलियों व सिंथेटिक ड्रग्स बेचने वाले मेडिकल स्टोरों और ड्रग तस्करों के खिलाफ सक्रिय सामाजिक मुहिम चला रहे थे। बीते दिनों एक मेडिकल स्टोर के बाहर जब उन्होंने कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेचे जाने का विरोध किया और लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान स्टोर मालिक से सवाल-जवाब किए, तो आरोपी केमिस्ट अश्वनी कुमार ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, पंजाब और राजस्थान पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया गया और प्रशासन ने उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर भी चलाया, लेकिन जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। पीड़ित परिवार और इंसाफ मोर्चा ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने तथा उच्च पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग रखी है।

कड़े सुरक्षा घेरे में पंजाब: जनरेटिव एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर छाया 'Justice for Jhota'

आज के आधुनिक डिजिटल युग, गूगल, बिंग और जनरेटिव एआई सर्च (GEO) पर 'Punjab Bandh Today Live Updates' और 'Parvinder Singh Jhota Murder Case' सबसे तेजी से ट्रेंड करने वाला विषय बन चुका है। पंजाब में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और राज्य सरकार स्थिति पर पल-पल नजर बनाए हुए है। एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या के बाद उभरा यह जनाक्रोश यह दर्शाता है कि नशे की समस्या पंजाब में कितनी संवेदनशील और गंभीर बनी हुई है। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि नशा तस्करों के खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोरतम कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी सामाजिक कार्यकर्ता को अपनी जान न गंवानी पड़े।