जोश हेजलवुड का कैच रोकने के लिए बांग्लादेशी बल्लेबाज ने की खतरनाक हरकत, मैदान पर हुई भयंकर टक्कर, जानिए अंपायर ने क्या दिया फैसला?
क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे हैरान करने वाले और विवादित पल देखने को मिल जाते हैं जो खेल भावना पर बड़े सवाल खड़े कर देते हैं। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच खेले जा रहे एक रोमांचक टेस्ट मुकाबले के दौरान कुछ ऐसा ही अजीबोगरीब वाकया सामने आया जिसने खिलाड़ियों से लेकर अंपायरों और मैदान पर बैठे दर्शकों तक को सकते में डाल दिया। ऑस्ट्रेलिया के खतरनाक तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड जब एक मुश्किल कैच लपकने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे थे, तब बांग्लादेश के बल्लेबाज ने रास्ते में आकर उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस अप्रत्याशित घटना के बाद मैदान पर माहौल काफी गरमा गया और हर तरफ बस इसी बात की चर्चा होने लगी कि आखिर अंपायर ने इस खतरनाक हरकत पर क्या फैसला सुनाया होगा। क्रिकेट के गलियारों में इस वाकये को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं कि उस हाई-वोल्टेज मैच के दौरान वास्तव में क्या कुछ घटा था और नियम के मुताबिक अंपायरों ने क्या निर्णय लिया।
मैच के दौरान कैसे घटी यह हैरान करने वाली घटना?
यह पूरी घटना मैच के 28वें ओवर के दौरान घटी जब ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाड़ी मैदान पर जीत-हार के लिए पूरी ताकत झोंक रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई पेसर जोश हेजलवुड ने एक आक्रामक और तीखी शॉर्ट गेंद फेंकी जिसे बांग्लादेश के बल्लेबाज तस्कीन अहमद समझ नहीं पाए और वह शॉट खेलने के लिए मजबूर हो गए। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा यानी टॉप एज लेकर हवा में काफी ऊपर की तरफ चली गई, जिससे कैच लेने का सुनहरा मौका बन गया। जोश हेजलवुड ने अपनी गेंदबाजी का फॉलो-थ्रू पूरा करने के तुरंत बाद तेजी से दौड़ लगाई ताकि वे खुद अपनी ही गेंद पर उस कैच को आसानी से लपक सकें। लेकिन इसी बीच मैदान पर एक नाटकीय मोड़ आया क्योंकि बल्लेबाज तस्कीन अहमद भी क्रीज छोड़कर रन चुराने की फिराक में तेजी से आगे भाग पड़े। दौड़ने के दौरान दोनों खिलाड़ी आपस में आमने-सामने आ गए और उनके बीच एक भयंकर टक्कर हो गई। इस टक्कर के कारण जोश हेजलवुड अपना संतुलन खो बैठे और वे गेंद के नीचे सही समय पर नहीं पहुंच सके, जिसके चलते एक आसान सा कैच छूट गया।
गुस्से से लाल हुए हेजलवुड और कप्तान पैट कमिंस का रिएक्शन
टक्कर लगने और कैच छूटने के बाद ऑस्ट्रेलियाई खेमे में गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिल रहा था। तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड इस बात से बेहद नाराज थे कि बल्लेबाज ने जानबूझकर या लापरवाही के चलते उनके रास्ते में रुकावट डाली है। मैदान पर गिरे हेजलवुड तुरंत खड़े हुए और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सीधे स्क्वायर-लेग अंपायर की तरफ इशारा किया और अंपायर से इसकी कड़ी शिकायत दर्ज कराई। इस गरमागरम माहौल को देखकर ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान पैट कमिंस भी तुरंत मैदान पर आगे आए और उन्होंने मैदानी अंपायर नितिन मेनन के साथ इस पूरे मामले पर गंभीर चर्चा शुरू कर दी। कैप्टन कमिंस और हेजलवुड का मानना था कि बल्लेबाज का यह रवैया खेल भावना के विपरीत था और इसे मैदान पर बाधा डालने यानी 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' माना जाना चाहिए। अंपायरों ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की बात को ध्यान से सुना और मैदान पर कुछ पलों के लिए तनाव का माहौल बन गया क्योंकि हर कोई जानना चाहता था कि क्या अंपायर बांग्लादेशी बल्लेबाज के खिलाफ कोई सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे या नहीं।
क्या अंपायर ने बल्लेबाज को दिया आउट? जानिए फैसला
मैदान पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद अंपायरों ने आपस में सलाह मशविरा किया और आधुनिक क्रिकेट के नियमों को ध्यान में रखते हुए अपना फैसला सुनाया। मैदानी अंपायरों ने इस पूरी घटना को एक अनियोजित और खेल के दौरान होने वाली सामान्य दुर्घटना माना, न कि किसी बल्लेबाज द्वारा जानबूझकर की गई बाधा। नियमों के मुताबिक, यदि कोई बल्लेबाज रन लेते समय अपनी दिशा में दौड़ रहा है और गेंदबाज कैच लेते समय सामने आ जाता है, तो जब तक यह साबित न हो कि बल्लेबाज ने जानबूझकर रास्ता रोका है, तब तक उसे आउट नहीं दिया जा सकता। अंपायरों ने तस्कीन अहमद को किसी भी तरह की पेनल्टी देने से इनकार कर दिया और उन्हें 'आउट' करार नहीं दिया गया। हालांकि जोश हेजलवुड इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे और उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी, लेकिन उन्हें अंपायर के उस फैसले को मानना ही पड़ा और खेल बिना किसी बड़ी रुकावट के आगे बढ़ गया।
अंततः क्या रहा मैच का परिणाम और बांग्लादेश की स्थिति?
अंपायर के इस फैसले के बाद भले ही बांग्लादेशी बल्लेबाज तस्कीन अहमद को जीवनदान मिल गया हो, लेकिन वे अपनी इस पारी को बहुत ज्यादा देर तक आगे नहीं बढ़ा सके। ऑस्ट्रेलियन गेंदबाजों के कड़े अनुशासन और घातक गेंदबाजी आक्रमण के आगे बांग्लादेश की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और महज 64 रनों के मामूली स्कोर पर ढेर हो गई। तस्कीन अहमद भी इस जीवनदान का ज्यादा फायदा नहीं उठा पाए और थोड़ी ही देर बाद मैट रेनशॉ के हाथों कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं खेल के रोमांच को और अधिक बढ़ा देती हैं, हालांकि खिलाड़ियों को हमेशा खेल भावना का सम्मान करना चाहिए। यह वाकया सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और हर कोई इस पर अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहा है।