कोहली को रोकना नामुमक‍िन... नेट्स पर भी कर चुके हैं परेशान, व‍िदेशी गेंदबाज भी हुआ मुरीद

कोहली को रोकना नामुमक‍िन... नेट्स पर भी कर चुके हैं परेशान, व‍िदेशी गेंदबाज भी हुआ मुरीद

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन मशीन के नाम से मशहूर भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली जब भी मैदान पर कदम रखते हैं, तो विरोधी गेंदबाजों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विराट का खौफ सिर्फ मैच के दौरान ही नहीं, बल्कि नेट्स में प्रैक्टिस के दौरान भी विपक्षी और साथी गेंदबाजों के सिर चढ़कर बोलता है? हाल ही में एक विदेशी गेंदबाज ने कोहली की नेट्स प्रैक्टिस से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला और रोचक किस्सा साझा किया है, जिसने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। उस गेंदबाज का साफ कहना है कि विराट को नेट्स में भी गेंदबाजी करना बेहद खौफनाक अनुभव होता है और उन्हें रोकना नामुमकिन सा लगता है।

जब नेट्स में विराट कोहली के सामने पसीने से तर-बतर हुआ यह स्टार गेंदबाज

क्रिकेट के गलियारों में अकसर विराट कोहली की लगन और अनुशासन के किस्से सुनने को मिलते हैं, लेकिन इस बार एक मशहूर विदेशी गेंदबाज ने खुलासा किया है कि विराट जिस गंभीरता से मुख्य मुकाबला खेलते हैं, उसी आक्रामकता और फोकस के साथ वे नेट्स में भी बल्लेबाजी करते हैं। उन्होंने बताया कि नेट्स में जहां आमतौर पर बल्लेबाज थोड़ा सहज होकर शॉट्स खेलने का प्रयास करते हैं, वहीं विराट हर एक गेंद को ऐसे खेलते हैं मानो वे विश्व कप का फाइनल मुकाबला खेल रहे हों। गेंदबाज के मुताबिक, नेट्स पर भी जब विराट के सामने गेंद फेंकनी पड़ती है, तो गेंदबाज की थोड़ी सी भी गलती का अंजाम सीधे बाउंड्री पार या फिर बेहद आक्रामक शॉट के रूप में भुगतना पड़ता है।

आखिर क्यों इस विदेशी गेंदबाज को विराट कोहली के सामने गेंदबाजी करना लगता है सबसे कठिन

इस स्टार विदेशी गेंदबाज ने अपने साक्षात्कार में खुलकर बात करते हुए बताया कि विराट कोहली की सबसे बड़ी ताकत उनकी गेंद को देर से खेलने की कला और उनका अदभुत फुटवर्क है। नेट्स पर गेंदबाजी के दौरान वे गेंदबाज की मानसिकता को पलक झपकते ही पढ़ लेते हैं। गेंदबाज ने कहा कि जब वे अपनी सर्वश्रेष्ठ रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ के साथ गेंद डालते थे, तब भी विराट इतने आराम से टाइमिंग के साथ शॉट खेलते थे कि गेंद सीधे सामने वाले नेट की दीवार से जा टकराती थी। इस गेंदबाज ने माना कि नेट्स में भी कोहली को आउट करना किसी भी गेंदबाज के लिए सपने जैसा होता है, और यही बात उन्हें दुनिया के बाकी तमाम बल्लेबाजों से अलग और महान बनाती है।

नेट्स में भी मैच जैसी शिद्दत और कमिटमेंट ही बनाती है किंग कोहली को महान

विराट कोहली का यह कमिटमेंट और नेट्स में उनकी कड़ी मेहनत ही उनका असली राज है। दुनिया भर के क्रिकेट विशेषज्ञों और खिलाड़ियों का मानना है कि जो खिलाड़ी अभ्यास सत्र में 100 प्रतिशत से अधिक पसीना बहाता है, वही मैदान पर दबाव की परिस्थितियों में निखर कर सामने आता है। विराट नेट्स में घंटों पसीना बहाते हैं और अपनी हर कमी पर बारीकी से काम करते हैं। उनके साथ नेट्स में गेंदबाजी कर चुके कई अन्य गेंदबाजों ने भी इस बात की तस्दीक की है कि कोहली कभी भी अभ्यास के दौरान किसी गेंदबाज को खुद पर हावी नहीं होने देते। अगर कोई गेंदबाज उन्हें एक अच्छी गेंद फेंक भी दे, तो अगली ही गेंद पर वे उस पर ऐसा करारा प्रहार करते हैं कि गेंदबाज का आत्मविश्वास हिल जाता है।

विदेशी क्रिकेट दिग्गजों में भी कायम है किंग कोहली की बल्लेबाजी का खौफ और दबदबा

विराट कोहली के इस अंदाज के दीवाने न सिर्फ भारतीय फैंस हैं, बल्कि विदेशी क्रिकेटर भी उनके मुरीद बनने से खुद को रोक नहीं पाते हैं। समय-समय पर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान तक के तेज गेंदबाजों ने यह स्वीकार किया है कि कोहली को गेंदबाजी करना दुनिया का सबसे चुनौतीपूर्ण काम है। इस विदेशी गेंदबाज का ताजा बयान इसी बात का एक और जीता-जागता सबूत है। चाहे वह मेलबर्न का ऐतिहासिक मैदान हो, लॉर्ड्स की ऐतिहासिक पिच हो या फिर किसी घरेलू मैदान का नेट्स एरिया, विराट का जज्बा हर जगह एक समान रहता है। वे हर रोज अपनी बल्लेबाजी को और बेहतर बनाने की भूख के साथ मैदान पर उतरते हैं।

विश्व क्रिकेट में विराट कोहली के इस नए रिकॉर्ड और अंदाज की हो रही जबरदस्त चर्चा

सोशल मीडिया से लेकर स्पोर्ट्स चैनलों तक इस खबर के सामने आने के बाद से ही फैंस विराट कोहली के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर कर रहे हैं। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि यही वह मानसिकता है जो एक प्रतिभावान खिलाड़ी को 'लेजेंड' बनाती है। जब एक विपक्षी गेंदबाज खुले तौर पर यह स्वीकार करता है कि उसे नेट्स में भी बल्लेबाज से डर लगता था, तो यह उस बल्लेबाज के दबदबे का सबसे बड़ा प्रमाण बन जाता है। विराट कोहली ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक पारियां खेली हैं और कई कीर्तिमान ध्वस्त किए हैं, लेकिन उनके प्रति गेंदबाजों का यह खौफ और सम्मान यह साबित करता है कि उनका नाम इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुका है।