Prabhat Vaibhav,Digital Desk : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार, 6 मार्च को घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में उत्तर प्रदेश के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। देश की इस सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में यूपी के 21 से अधिक अभ्यर्थियों ने अपनी जगह पक्की की है। खास बात यह है कि ऑल इंडिया टॉप-20 में उत्तर प्रदेश के 6 होनहारों ने जगह बनाई है। शामली की आस्था जैन (Astha Jain) ने ऑल इंडिया 9वीं रैंक हासिल कर न केवल प्रदेश का मान बढ़ाया है, बल्कि महिला अभ्यर्थियों के लिए भी एक नई मिसाल पेश की है।
शामली की बेटी आस्था का 'तीसरा वार', अब बनेंगी IAS
शामली जनपद के कांधला की रहने वाली आस्था जैन की सफलता की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले वे दो बार (131वीं और 186वीं रैंक) सफल होकर वर्तमान में हैदराबाद में आईपीएस (IPS) की ट्रेनिंग ले रही थीं। लेकिन उनका सपना हमेशा से आईएएस (IAS) बनने का था, जिसे उन्होंने 9वीं रैंक के साथ सच कर दिखाया। आस्था के पिता अजय जैन एक सामान्य व्यापारी हैं। आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय 'सेल्फ स्टडी' और निरंतरता को दिया है।
लखनऊ और यूपी के इन सितारों ने गाड़ा झंडा
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कई अन्य मेधावियों ने भी अपनी सफलता की चमक बिखेरी है। टॉप-20 की सूची में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
आस्था जैन (शामली): 9वीं रैंक (IAS पक्का)
यशस्वी राज वर्धन (Yashaswi Raj Vardhan): 11वीं रैंक
सुरभि यादव (Surabhi Yadav): 14वीं रैंक
मोनिका श्रीवास्तव (Monika Srivastava): 16वीं रैंक (लखनऊ का गौरव)
चितवन जैन (Chitwan Jain): 17वीं रैंक
रवि राज (Ravi Raaz): 20वीं रैंक
राजधानी लखनऊ की मोनिका श्रीवास्तव ने 16वीं रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। वे टेस्टबुक (Testbook) की छात्रा रही हैं और उनकी इस उपलब्धि पर उनके घर में जश्न का माहौल है। इसके अलावा मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अंतिम सूची में स्थान बनाया है।
सीएम योगी और अखिलेश यादव ने दी बधाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इन युवाओं की मेहनत ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये नए अधिकारी 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ देश और प्रदेश की सेवा करेंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की 'मेधा का सम्मान' बताया।




