Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) अब पारंपरिक सीमाओं को तोड़कर 'डिजिटल पावरहाउस' बन चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने तकनीक, नीतिगत सरलता और ऐतिहासिक बजट के तालमेल से 96 लाख से अधिक इकाइयों का चेहरा बदल दिया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस क्षेत्र के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। यह निवेश 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के सपने को हकीकत में बदल रहा है।
ODOP और डिजिटल प्लेटफॉर्म: लोकल प्रोडक्ट्स की ग्लोबल धमक
'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना अब ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के साथ पूरी तरह एकीकृत हो चुकी है।
वैश्विक पहुंच: डिजिटल पोर्टल के माध्यम से यूपी के पारंपरिक उत्पाद अब अमेज़न, फ्लिपकार्ट और अन्य वैश्विक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं।
कौशल विकास: एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के कारीगरों को आधुनिक टूलकिट के साथ-साथ ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी आय में भारी वृद्धि हुई है।
'चैंपियंस पोर्टल' और 'प्लग एंड प्ले' मॉडल: 72 घंटे में शुरू करें व्यापार
उद्यमियों के लिए व्यापार करना अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गया है:
72 घंटे में शुरुआत: नई MSME नीति के तहत 'प्लग एंड प्ले' मॉडल ने लालफीताशाही को खत्म कर दिया है, जिससे मात्र 72 घंटे में परिचालन शुरू किया जा सकता है।
चैंपियंस पोर्टल: आधुनिक मशीनरी और गुणवत्ता सुधार के लिए यह पोर्टल उद्यमियों को रियल-टाइम तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
उद्यम सारथी ऐप: यह ऐप उद्यमियों के लिए 'सिंगल विंडो' डिजिटल गाइड बन गया है, जहां पंजीकरण से लेकर योजनाओं के लाभ तक सब कुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है।
विश्व बैंक का सहयोग और 'आरएएमपी' (RAMP) योजना
यूपी के MSME सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए विश्व बैंक भी साथ खड़ा है। आरएएमपी (RAMP) योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी समर्थन से छोटी इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को नई गति मिली है। इससे उत्पादन की लागत घटी है और उत्पादों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हुई है।
आर्थिक सुरक्षा और रोजगार का नया कीर्तिमान
तकनीकी उन्नयन का सबसे बड़ा लाभ रोजगार के मोर्चे पर दिखा है। डिजिटल सप्लाई चेन ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की छोटी इकाइयों को बड़ा बाजार दिया है।
5 लाख का बीमा कवच: सरकार ने उद्यमियों को जोखिम प्रबंधन के तहत 5 लाख रुपये तक का बीमा सुरक्षा प्रदान की है।
सुगम क्रेडिट: उद्यमियों के लिए बैंकों से ऋण लेना अब डिजिटल माध्यम से आसान और पारदर्शी हो गया है।
मुख्य आंकड़े (Highlights):
| विवरण | आंकड़े / प्रभाव |
|---|---|
| कुल MSME इकाइयां | 96 लाख से अधिक |
| बजट 2026-27 | ₹3,822 करोड़ (19% की वृद्धि) |
| बीमा सुरक्षा | ₹5 लाख तक का कवर |
| व्यापार शुरू करने का समय | मात्र 72 घंटे ('प्लग एंड प्ले' मॉडल) |
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