Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार की सियासत में अपनी बेबाकी के लिए मशहूर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देश के कई हिस्सों में एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच रोहिणी ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गैस संकट को लेकर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि अगर देश में रसोई गैस की यह किल्लत 'संकट' नहीं है, तो फिर सरकार किस तरह के महासंकट की उम्मीद में बैठी है? रोहिणी के इस बयान ने विपक्षी खेमे में नई जान फूंक दी है और इसे सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।
महंगाई और किल्लत को लेकर सरकार को घेरा
रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज मध्यम और गरीब वर्ग की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। एक तरफ गैस के दाम आसमान छू रहे हैं, तो दूसरी तरफ आपूर्ति में आ रही बाधाओं ने आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उन्होंने पीएम मोदी के पुराने वादों का जिक्र करते हुए कहा कि 'अच्छे दिन' का सपना दिखाने वाली सरकार अब आम आदमी को बुनियादी सुविधाएं देने में भी विफल साबित हो रही है। रोहिणी का तर्क है कि जब देश की आधी आबादी को चूल्हा जलाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तब सरकार इसे सामान्य स्थिति कैसे बता सकती है?
'उज्ज्वला योजना' की हकीकत पर उठाए सवाल
हमले को और धार देते हुए रोहिणी ने केंद्र की महत्वाकांक्षी 'उज्ज्वला योजना' को लेकर भी सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि मुफ्त गैस कनेक्शन देने का ढिंढोरा तो पीटा गया, लेकिन आज सिलेंडर रिफिल कराना गरीबों के बस से बाहर हो गया है। ऊपर से वितरण व्यवस्था में आ रही खामियों ने कोढ़ में खाज का काम किया है। रोहिणी ने सवाल उठाया कि क्या सरकार जानबूझकर जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आंकड़ों के खेल में व्यस्त है, जबकि धरातल पर लोग खाली सिलेंडर लिए घंटों कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं।
सियासी गलियारे में छिड़ी जुबानी जंग
रोहिणी के इस कड़े प्रहार के बाद भाजपा और राजद के बीच जुबानी जंग तेज होने के आसार हैं। रोहिणी आचार्य ने अपने संदेश के अंत में कड़े लहजे में कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में वह इन संकटों का जवाब जरूर देगी। विपक्षी नेताओं का मानना है कि एलपीजी का मुद्दा सीधे तौर पर गृहणियों और आम आदमी से जुड़ा है, इसलिए सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं। फिलहाल, रोहिणी के इस 'एक्स' पोस्ट ने राजनीतिक तापमान को काफी बढ़ा दिया है।
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