राम मंदिर चंदा विवाद: कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने इस्तीफे की खबरों को नकारा, बोले- 'अफवाहें झूठी और आधारहीन'

राम मंदिर चंदा विवाद: कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने इस्तीफे की खबरों को नकारा, बोले- 'अफवाहें झूठी और आधारहीन'

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के विवाद के बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बाद अब कोषाध्यक्ष (Treasurer) स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताई है या इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, इन तमाम अटकलों और दावों पर विराम लगाते हुए स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने खुद सामने आकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे से जुड़ी सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से झूठा, भ्रामक और आधारहीन करार दिया है।

इस्तीफे की खबरों पर क्या बोले गोविंद देव गिरी महाराज?

चढ़ावा चोरी विवाद और एसआईटी (SIT) की जांच के बीच स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने स्पष्ट किया कि वे अपने पद पर बने रहेंगे और स्वयं इस्तीफा नहीं देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के खजांची के इस्तीफे को लेकर जो भी बातें फैलाई जा रही हैं, उनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।

हालांकि, इससे पहले यह खबरें आ रही थीं कि वह मंदिर के दरबार में हुई इस कथित चोरी की घटना से व्यक्तिगत रूप से आहत और दुखी हैं। वित्तीय जिम्मेदारियों और समय के अभाव के कारण उनके पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त करने की सुगबुगाहट थी, लेकिन अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह साफ कर दिया है कि वे संकट के इस समय में जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रहे हैं।

चंपत राय के इस्तीफे और नए बदलावों पर दिया बड़ा बयान

हाल ही में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जा चुका है। इस पर बात करते हुए कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि चंपत राय के मन में अपने इस्तीफे को लेकर कोई नाराजगी या मलाल नहीं है।

उन्होंने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उनके चरित्र पर कोई संदेह नहीं है, बल्कि अपने करीबियों पर आंख मूंदकर भरोसा करना ही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। ट्रस्ट ने अब चंपत राय की जगह पूर्व भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को नया महासचिव नियुक्त कर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया है।

दान चोरी मामले में क्या है अब तक का अपडेट?

राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान धांधली का यह मामला जून 2026 में सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में अब तक कड़ी कार्रवाई की गई है:

  • SIT का खुलासा: सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच में सामने आया कि दान की गिनती करने वाले कुछ कर्मी नोटों के बंडल और नकदी को अपने कपड़ों, जेबों और जूतों में छिपाकर ले जा रहे थे।

  • गिरफ्तारियां: इस मामले में पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज कर अब तक दान-गिनती प्रक्रिया से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

  • सुरक्षित हैं कीमती उपहार: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने भक्तों को आश्वस्त किया है कि रामलला को चढ़ाए गए सोने-चांदी के ईंट और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित और ऑडिटेड हैं। भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए काउंटिंग स्टाफ के लिए बिना जेब वाले कपड़े (Pocket-less clothes) और सख्त चेकिंग जैसी नई एसओपी (SOP) लागू की गई है।

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