मुरादाबाद में तेंदुए का खौफनाक तांडव:इलाके में फैली सनसनी और फूटा ग्रामीणों का भयंकर गुस्सा
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से इस वक्त एक बेहद दहला देने वाली, दिल को कंपा देने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे ग्रामीण इलाके में चीख-पुकार और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। मुरादाबाद के ग्रामीण आंचल में पिछले काफी समय से आतंक का पर्याय बने एक आदमखोर तेंदुए ने एक बार फिर अपनी खून की प्यास बुझाते हुए एक बेकसूर किसान को अपना शिकार बना लिया है। बताया जा रहा है कि यह आदमखोर तेंदुआ बीती रात एक घर के अंदर चैन की नींद सो रहे एक गरीब किसान को चुपचाप दबे पांव उठा ले गया और पास के ही गन्ने के खेत में ले जाकर उसकी दर्दनाक हत्या कर दी। सुबह जब परिजनों और ग्रामीणों ने किसान की तलाश शुरू की, तो खेत से उसका क्षत-विक्षत और खून से सना हुआ शव बरामद हुआ। मुरादाबाद जिले में पिछले कुछ महीनों के दौरान तेंदुए के हमले में किसी ग्रामीण की मौत की यह चौथी भयानक घटना है, जिसके सामने आने के बाद गुस्साए ग्रामीणों का सब्र का बांध पूरी तरह टूट गया है। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है और मांग की है कि इस खूंखार आदमखोर तेंदुए को तुरंत पिंजरे में कैद किया जाए या देखते ही गोली मारी जाए। मौके पर भारी पुलिस बल और वन विभाग की टीमें स्थिति को संभालने में जुटी हुई हैं, लेकिन लोगों के दिलों में बैठा खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
घर के आंगन में चैन से सो रहा था किसान, अचानक मौत बनकर आया आदमखोर तेंदुआ
यह पूरी दर्दनाक घटना मुरादाबाद के एक सुदूर ग्रामीण इलाके की है, जहां पीड़ित किसान रोजाना की तरह अपने घर के खुले आंगन में चारपाई बिछाकर सो रहा था। उमस भरा मौसम और ग्रामीण परिवेश के कारण लोग अक्सर अपने घरों के बाहर या आंगन में सोते हैं, लेकिन किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत इतनी खामोशी से उनके घर में दाखिल हो जाएगी। आधी रात के सन्नाटे में जंगल की तरफ से भटकता हुआ वह आदमखोर तेंदुआ चुपचाप बस्ती के अंदर घुस आया और उस सोते हुए किसान पर पीछे से भयानक झपट्टा मार दिया। तेंदुए की ताकत इतनी ज्यादा थी कि उसने किसान को संभलने का एक मौका तक नहीं दिया और उसे दबोचकर सीधे पास के घने गन्ने के खेतों की तरफ खींच ले गया। जब परिवार के लोगों की नींद खुली और उन्होंने आंगन में किसान को गायब पाया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में गांव के लोगों को इकट्ठा किया गया और टॉर्च की रोशनी में खोजबीन शुरू की गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वह आदमखोर अपनी खूनी भूख शांत कर चुका था।
सुबह खेत से मिला क्षत-विक्षत शव, मुरादाबाद में तेंदुए के हमलों से चौथी मौत ने बढ़ाई चिंता
जब सुबह के वक्त ग्रामीण लाठी-डंडों और मशालों के साथ गन्ने के खेतों की तरफ गए, तो उन्होंने जो मंजर देखा उसे देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। किसान का क्षत-विक्षत शव पूरी तरह से लहूलुहान अवस्था में घास और गन्ने के बीच पड़ा हुआ था, जिसे देखकर साफ पता चल रहा था कि तेंदुए ने कितनी बेरहमी से उसे अपना शिकार बनाया है। इस दुखद और दर्दनाक मौत के साथ ही मुरादाबाद जिले में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर तेंदुए के हमलों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। लगातार हो रही इन मौतों ने इस बात को साबित कर दिया है कि वन विभाग की अभी तक की तमाम कोशिशें और गश्त पूरी तरह से नाकाफी साबित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से वन विभाग के अधिकारियों को इस बात की चेतावनी दी थी कि इलाके में एक नहीं बल्कि दो-दो आदमखोर तेंदुए घूम रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने हर बार कागजी खानापूर्ति करके मामले को टाल दिया। यदि समय रहते विभाग ने गंभीरता दिखाई होती, तो आज इस किसान की जान को इस तरह से नहीं गंवाना पड़ता।
फूटा ग्रामीणों का भयंकर गुस्सा, सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन
इस घटना की खबर जैसे ही आग की तरह आसपास के दर्जनों गांवों में फैली, हजारों की संख्या में ग्रामीण आक्रोशित होकर मुख्य मार्ग पर आ डटे और सड़क जाम कर दी। गुस्साए लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए कहा कि जब तक इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता, तब तक वे शव को उठने नहीं देंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिकारी केवल एसी कमरों में बैठकर आदेश जारी करते हैं, जबकि असली खतरा रोज खेतों में काम करने वाले और गांवों में रहने वाले गरीब किसानों पर मंडराता है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी के जवान और वन विभाग के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि उस इलाके में तुरंत आधुनिक कैमरों, पिंजरों और शार्पशूटरों की विशेष टीमों को तैनात किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ा जा सके और जनता को इस खौफ के साये से मुक्ति दिलाई जा सके।
वन विभाग की टीमें तैनात, नाइट पेट्रोलिंग और थर्मल ड्रोन का किया जा रहा इस्तेमाल
घटना के बाद हरकत में आए वन विभाग ने मुरादाबाद के इस संवेदनशील इलाके में अपने सभी संसाधनों को झोंक दिया है। तेंदुए की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए जंगलों और गन्ने के खेतों के आसपास हाई-टेक थर्मल ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि रात के अंधेरे में भी उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। इसके अलावा कई जगहों पर बड़े-बड़े लोहे के पिंजरे लगाए गए हैं जिनमें बकरियों को चारे के रूप में बांधा गया है ताकि आदमखोर लालच में आकर खुद पिंजरे के अंदर आ फंसे। वन विभाग के अधिकारियों ने गांव वालों से अपील की है कि वे अकेले खेतों की तरफ जाने से बचें, रात के समय घरों के दरवाजे बंद रखें और बच्चों को बाहर न निकलने दें। मुरादाबाद की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) के उस गंभीर मुद्दे को सामने ला खड़ा किया है, जिस पर स्थायी समाधान खोजने की सख्त जरूरत है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का गम न झेलना पड़े।