युवाओं से बोले धामी, नशे से दूर रहो और निष्ठा से बढ़ो आगे; 2047 के विकसित भारत का दिया मंत्र

युवाओं से बोले धामी, नशे से दूर रहो और निष्ठा से बढ़ो आगे; 2047 के विकसित भारत का दिया मंत्र

देवभूमि उत्तराखंड की पावन माटी में इन दिनों युवाओं को सही दिशा दिखाने और उन्हें राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ से जोड़ने का एक अनूठा अभियान लगातार चल रहा है। जब राज्य का नेतृत्व खुद आगे आकर युवा पीढ़ी से सीधा संवाद करता है, तो उसके परिणाम दूरगामी और बेहद सकारात्मक होते हैं। हाल ही में एक भव्य और प्रेरणादायक युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के कोने-कोने से आए ऊर्जावान युवाओं को संबोधित करते हुए एक बेहद स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आज की आधुनिक चकाचौंध और विशेष रूप से नशे जैसी घातक बुराइयों से पूरी तरह दूर रहें, क्योंकि यही एक ऐसी चीज है जो न केवल व्यक्ति के जीवन को बर्बाद करती है बल्कि पूरे परिवार और समाज की नींव को भी हिलाकर रख देती है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अटूट लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और साल 2047 के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में देश का मुख्य सिपाही बनने का महामंत्र भी दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का युवाओं के नाम संदेश, नशा मुक्त समाज का संकल्प

किसी भी राष्ट्र या राज्य की वास्तविक पूंजी वहां की युवा शक्ति होती है, और यदि युवा ही गलत रास्ते पर भटक जाएं तो समाज का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इस कड़वी सच्चाई को गहराई से समझते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं के बीच पहुंचकर न केवल उनके उत्साह को बढ़ाया बल्कि उन्हें समाज में तेजी से फैल रही नशामुक्ति की महामारी के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी दिया। सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि जैसे पवित्र राज्य में नशे का कारोबार या इसका सेवन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने इसके खिलाफ पहले से ही ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान छेड़ रखा है जिसके तहत कानून सख्ती से काम कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत होकर खुद ही आगे बढ़कर यह संकल्प लेना होगा कि वे इस जहर से हमेशा दूर रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बहुत ही आत्मीय अंदाज में युवाओं को समझाया कि असली नशा अपने सपनों को पूरा करने का, अपने माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान लाने का और देश के लिए कुछ बड़ा कर दिखाने का होना चाहिए, न कि किसी ऐसे पदार्थ का जो उनके उज्ज्वल भविष्य को पलभर में राख कर दे।

निष्ठा और कठिन परिश्रम से ही तय होती है सफलता की सबसे ऊंची मंजिल

जीवन में सफलता शॉर्टकट से नहीं बल्कि केवल और केवल अटूट निष्ठा, अनुशासन और निरंतर कठिन परिश्रम से ही हासिल की जा सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन के दौरान आज की पीढ़ी को इस मूलमंत्र को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और तमाम भटकाव के बीच अपने फोकस को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन चुका है, लेकिन जो युवा तमाम विचलित करने वाली चीजों को छोड़कर अपनी पढ़ाई, अपने हुनर और अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहते हैं, उन्हें दुनिया की कोई भी ताकत आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। सरकार राज्य के युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए तमाम सुनहरे अवसर उपलब्ध करा रही है, ताकि हर गरीब और साधारण परिवार का युवा भी अपनी मेहनत के दम पर सर्वोच्च मुकाम हासिल कर सके। सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और चुनौतियों से डरने के बजाय उनका डटकर मुकाबला करना सीखें।

साल 2047 के ‘विकसित भारत’ के विजन में उत्तराखंड के युवाओं की अहम भूमिका

भारत सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक देश को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का जो महान लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर ही टिकी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को इसी ऐतिहासिक लक्ष्य की याद दिलाते हुए कहा कि जब देश अपनी स्वतंत्रता के सौ साल पूरे करेगा, तब भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में उत्तराखंड के युवाओं का योगदान सबसे स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी सोच को बड़ा करते हुए जॉब देने वाले यानी उद्यमी और स्टार्टअप फाउंडर बनने का लक्ष्य रखें। आज उत्तराखंड में पर्यटन, आईटी, कृषि, और स्टार्टअप के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं, जिनका भरपूर उपयोग करके हमारे युवा न केवल अपने राज्य को बल्कि पूरे देश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बना सकते हैं। मुख्यमंत्री का यह विजन युवाओं के भीतर देशभक्ति और स्वावलंबन की एक नई अलख जगा रहा है।

देवभूमि का युवा बनेगा नए और सशक्त भारत के निर्माण का सबसे बड़ा आधार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और युवाओं के बीच हुआ यह सीधा संवाद इस बात का सुबूत है कि उत्तराखंड का नेतृत्व अपनी युवा पीढ़ी की ताकत और क्षमताओं को भली-भांति पहचानता है। नशे जैसी कुरीतियों से दूर रहने की सख्त हिदायत और 2047 के विकसित भारत का महामंत्र देकर सीएम ने युवाओं को एक नई दिशा और एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान किया है। इस कार्यक्रम के बाद से युवाओं में एक नया जोश और संकल्प देखने को मिल रहा है, जो यह विश्वास दिलाता है कि आने वाले समय में देवभूमि के ये युवा न केवल अपने राज्य का नाम रोशन करेंगे बल्कि देश के विकास में भी सबसे आगे खड़े नजर आएंगे। सरकार के इन सकारात्मक प्रयासों और युवाओं की अटूट निष्ठा के मेल से निश्चित रूप से एक सशक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के साथ-साथ एक महान विकसित भारत का सपना भी तेजी से सच होता हुआ दिखाई दे रहा है।

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