चमोली देवाल के 8000 लोगों की जिंदगी पर लगा ब्रेक, भारी बारिश और भूस्खलन; देवाल-गरमीगाड़ मार्ग बंद, PWD ने संभाला मोर्चा
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में मौसम की बेरुखी और प्राकृतिक आपदाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। चमोली जिले के देवाल क्षेत्र से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां लगातार हो रही भारी बारिश और भीषण भूस्खलन (Landslide) के चलते देवाल-गरमीगाड़ मोटर मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। इस मुख्य मार्ग के ठप होने से क्षेत्र के करीब 8,000 से अधिक लोगों की जिंदगी की रफ्तार पर जैसे ब्रेक लग गया है। आवागमन और रसद आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे बिगड़े हालात और क्यों बंद हुआ मार्ग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से चमोली के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार बरस रहे पानी के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर और कीचड़ सीधे सड़क पर आ गिरा। देवाल-गरमीगाड़ मार्ग पर हुआ यह भूस्खलन इतना भयंकर था कि सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई। इस मार्ग के बंद होने से देवाल ब्लॉक के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य प्रमुख कस्बों से कट गया है, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर भी संकट मंडराने लगा है।
8,000 आबादी की बढ़ी मुश्किलें और दैनिक जीवन प्रभावित
सड़क बंद होने के कारण स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों, बीमार मरीजों और व्यापारियों को भारी असुविधा हो रही है। जरूरी सामानों, सब्जियों और गैस सिलेंडरों की सप्लाई रुकने से लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के सीजन में उन्हें इसी तरह की भौगोलिक चुनौतियों और मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से जूझना पड़ता है, जिससे उनका संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है।
PWD ने संभाला मोर्चा, युद्धस्तर पर बहाली का काम जारी
जनता की इस विकट समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया है। विभाग द्वारा भारी-भरकम मशीनों और जेसीबी को मौके पर तैनात कर दिया गया है। लगातार गिरते मलबे के बीच भी PWD के कर्मचारी और मजदूर सड़क को साफ करने के कार्य में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का दावा है कि यदि मौसम ने साथ दिया और बारिश थमी, तो जल्द ही मलबा हटाकर मार्ग को छोटे वाहनों और पैदल आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।