ग्वादर में बलूच विद्रोहियों ने सैन्य कैंप पर किया कब्जा, कई अफसर ढेर, पाक-चीन की नब्‍ज दबाने का दावा

ग्वादर में बलूच विद्रोहियों ने सैन्य कैंप पर किया कब्जा, कई अफसर ढेर, पाक-चीन की नब्‍ज दबाने का दावा

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान से एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां सामरिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले ग्वादर शहर में बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना के कैंप को निशाना बनाते हुए उस पर कब्जा करने का बड़ा दावा किया है। इस दुस्साहसिक हमले के बाद से पाकिस्तानी सैन्य और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है। बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF) और अन्य विद्रोही गुटों की तरफ से किए गए इस सशस्त्र हमले ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी सीपीईसी (CPEC) की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से दुनिया भर के बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस भीषण संघर्ष में कई सैन्य अधिकारियों और जवानों के हताहत होने की खबर है, जिससे स्थानीय क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

शून्य बिंदु से शुरू हुआ खूनी संघर्ष, फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन के कैंप पर बोला गया धावा

इस पूरे सैन्य संघर्ष की शुरुआत ग्वादर के जीरो पॉइंट इलाके से हुई, जहां बलूच लड़ाकों ने सुनियोजित रणनीति के तहत पाकिस्तानी सेना के फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के कैंप पर अचानक धावा बोल दिया। चश्मदीदों और खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारी हथियारों और आधुनिक असला-बारूद से लैस होकर आए बलूच विद्रोहियों ने सुरक्षा बलों को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं दिया। ताबड़तोड़ गोलीबारी और रॉकेट हमलों के बीच बलूच लड़ाकों ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस कैंप पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। इस ऑपरेशन के दौरान विद्रोही गुटों ने ग्वादर जिले के गाब्द बॉर्डर क्रॉसिंग के पास पाकिस्तानी सेना के एक बड़े काफिले और पुलिस चौकी को भी अपने कब्जे में लेने का दावा किया है, जिससे इस पूरे इलाके में पाकिस्तानी हुकूमत की पकड़ कमजोर पड़ती नजर आ रही है।

चीन और पाकिस्तान की साझा महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर मंडराया गहरा संकट

ग्वादर पोर्ट और इसके आसपास के इलाके में हुआ यह ताजा विद्रोह केवल एक आम स्थानीय झड़प नहीं है, बल्कि यह चीन और पाकिस्तान दोनों की आर्थिक और सामरिक रीढ़ पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। अरब सागर के तट पर स्थित ग्वादर पोर्ट चीन के अरबों डॉलर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सीपेक (CPEC) का मुख्य केंद्र बिंदु है। बलूच विद्रोही लंबे समय से यह आरोप लगाते आए हैं कि पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार और चीन मिलकर उनके भू-भाग के प्राकृतिक संसाधनों का बेहरहमी से दोहन कर रहे हैं, जबकि स्थानीय बलूच जनता गरीबी, बेबसी और बुनियादी अधिकारों से वंचित है। इसी नाराजगी और दशकों के दमन के खिलाफ अब बलूचिस्तान के इन सशस्त्र समूहों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है, जिसके तहत ग्वादर को निशाना बनाकर पाकिस्तान की सैन्य ताकत को सीधी चुनौती दी जा रही है।

पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई और इलाके में घोषित किया गया हाई अलर्ट

इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज कब्जे के बाद पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) और बलूचिस्तान पुलिस ने मिलकर एक विशाल संयुक्त सैन्य अभियान की शुरुआत की है। सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) और स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई हमलावरों को मार गिराया है और बचे हुए विद्रोहियों को घेरने के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। हालांकि, विद्रोही गुटों की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना के तमाम प्रयासों के बावजूद रणनीतिक ठिकानों पर उनका प्रभाव बना हुआ है। ग्वादर शहर और उसके आसपास के हाइवे तथा व्यापारिक मार्गों पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो चुकी है और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जैसे हालात और कड़ा पहरा बैठा दिया गया है।

बलूच स्वतंत्रता संग्राम का बढ़ता दायरा और इस्लामाबाद के लिए बढ़ती चिंताएं

यह घटना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पाकिस्तान के भीतर बलूचिस्तान का अलगाववादी आंदोलन अब पहले से कहीं अधिक संगठित, आक्रामक और खतरनाक रूप ले चुका है। ग्वादर जैसे अंतरराष्ट्रीय पोर्ट और सैन्य ठिकानों पर इस तरह के बड़े हमले होना इस बात को दशार्ते हैं कि पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र बलूच लड़ाकों की गुरिल्ला युद्धनीति के आगे बुरी तरह विचलित हो रहा है। इस खूनी संघर्ष के बाद न सिर्फ पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ गई है, बल्कि बीजिंग में बैठे चीनी हुक्मरानों की भी चिंताएं कई गुना बढ़ गई हैं क्योंकि वहां निवेशित उनकी परिसंपत्तियों और इंजीनियरों की सुरक्षा दांव पर लग चुकी है। आने वाले दिनों में बलूचिस्तान के इस सुलगते रणक्षेत्र में सैन्य संघर्ष और अधिक भीषण होने की आशंका जताई जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की पैनी नजर टिकी हुई है।