रेलवे ट्रैक पर फंसी इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर, सामने से आ गई मौत... बचाने दौड़े 2 लोग, आई बुरी खबर

रेलवे ट्रैक पर फंसी इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर, सामने से आ गई मौत... बचाने दौड़े 2 लोग, आई बुरी खबर

भारतीय रेलवे के नेटवर्क से अक्सर दिल को झकझोर देने वाली और प्रेरणादायक दोनों तरह की खबरें सामने आती रहती हैं। देश के एक व्यस्त रेलवे स्टेशन और क्रॉसिंग के पास उस वक्त दिल की धड़कनें थाम लेने वाला खौफनाक मंजर देखने को मिला, जब एक दिव्यांग महिला की हाई-टेक इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर अचानक पटरियों के बीचों-बीच फंस गई। महिला लाख कोशिश करने के बाद भी अपनी कुर्सी को आगे या पीछे नहीं खिसका पा रही थी और तभी दूर से हॉर्न बजाती हुई एक तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन सीधे उसी ट्रैक पर मौत बनकर उसकी तरफ दौड़ी चली आ रही थी। मौत को अपनी आंखों के बिल्कुल सामने देख वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए और हर तरफ चीख-पुकार मच गई। ऐसे बेहद डरावने और जानलेवा संकट के उस एक पल में दो दिलेर और निडर लोग अपनी जान की परवाह किए बिना उस दिव्यांग महिला की जिंदगी बचाने के लिए पटरियों की तरफ दीवानों की तरह दौड़ पड़े। इन दोनों फरिश्तों की बहादुरी और उस भयानक हादसे की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर ने पूरे देश को अंदर से हिलाकर रख दिया है।

पलक झपकते ही कैसे मौत के मुहाने पर जा पहुंची दिव्यांग महिला, जानिए कैसे ट्रैक पर फंसी व्हीलचेयर

यह दिल दहला देने वाली घटना किसी एक सामान्य रेलवे क्रॉसिंग या प्लेटफॉर्म के पास उस वक्त घटी जब आम दिनों की तरह लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक दिव्यांग महिला अपनी आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर पर सवार होकर रेलवे ट्रैक को पार करने की कोशिश कर रही थी। अचानक पटरी के बीच बने खांचे और कंक्रीट स्लीपरों के बीच उसकी व्हीलचेयर के पहिए इस बुरी तरह फंस गए कि वो लॉक हो गए। महिला ने घबराहट में अपनी कुर्सी के सारे बटन दबाए और उसे निकालने की जी-तोड़ कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी या पहिए के फंस जाने की वजह से वह अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हिल सकी। उसी वक्त ट्रैक पर ट्रेन के आने की तेज आवाज गूंजी और ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन भारी-भरकम ट्रेन की गति इतनी तेज थी कि उसे तुरंत रोक पाना नामुमकिन था। कुछ ही सेकंड का फासला बचा था और महिला की जिंदगी मौत के बेहद करीब आ चुकी थी।

मौत को सामने देख मची भगदड़, अपनी जान जोखिम में डालकर पटरी पर कूद पड़े दो मसीहा

जब हर कोई यह मान चुका था कि अब उस बेबस दिव्यांग महिला को बचा पाना नामुमकिन है, तभी भीड़ में से दो नौजवान फरिश्ते बनकर आगे आए। उन्होंने एक पल के लिए भी अपनी जान की परवाह नहीं की और अपनी आंखों के सामने मौत को नाचता देख सीधे दौड़ते हुए रेलवे ट्रैक पर कूद पड़े। उन दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए उस भारी-भरकम इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर को पटरियों से बाहर खींचने की कोशिश शुरू कर दी। ट्रेन की तेज रफ्तार और उसकी सीटी की आवाज से पूरा इलाका गूंज रहा था, लेकिन उन दोनों युवकों की हिम्मत ने हार नहीं मानी। जैसे ही ट्रेन बिल्कुल नजदीक पहुंच गई, उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर एक आखिरी झटके के साथ व्हीलचेयर समेत महिला को ट्रैक से बाहर धकेल दिया। हालांकि, इस बेहद कम समय और खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जो हुआ, उसने सबको सकते में डाल दिया क्योंकि ट्रेन की चपेट में आने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी और एक दिल दहला देने वाली बुरी खबर सामने आ गई।

दोनों मसीहाओं की बहादुरी और दुर्भाग्यपूर्ण अंत, अस्पताल पहुंचते ही उड़ी होश उड़ा देने वाली खबर

सामने आ रही विस्तृत रिपोर्टों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, उन दोनों बहादुर युवकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर उस दिव्यांग महिला की प्राण तो बचा लिए, लेकिन इस जानलेवा संघर्ष में वे खुद गंभीर रूप से ट्रेन की चपेट में आ गए। जैसे ही वे महिला को सुरक्षित बाहर धकेलकर पटरियों से खुद को हटाने लगे, ट्रेन की रफ्तार और लोहे के हिस्सों ने उन्हें अपनी जोरदार टक्कर की चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों और रेलवे पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए तीनों घायलों को खून से लथपथ हालत में नजदीकी सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाया। अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद जो बुरी खबर सुनाई, उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों को नम कर दिया। इस भीषण हादसे और रेस्क्यू के दौरान अपनी बहादुरी का परिचय देने वाले उन मसीहाओं में से एक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि दूसरे की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसकी जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं का यह मार्मिक सबक हमेशा रहेगा याद

यह दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना हमें यह सिखाती है कि कैसे एक पल की लापरवाही या तकनीकी खराबी हमारी जिंदगी को किस हद तक खतरे में डाल सकती है। रेलवे पटरियों को पार करते समय जरा सी चूक कितना बड़ा खूनी खेल बन सकती है, इसका अंदाजा इस हादसे से लगाया जा सकता है। साथ ही, यह घटना इंसानी जज्बे, भाईचारे और सर्वोच्च बलिदान की एक ऐसी अमर कहानी लिख गई है जिसे लोग कभी नहीं भूल पाएंगे। एक बेबस महिला की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे देने वाले उन दो साधारण नागरिकों की बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी इस दुनिया में जीवित है। रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर व्हीलचेयर पटरियों पर कैसे फंसी थी। पूरे देश में इस मार्मिक घटना की चर्चा हो रही है और हर कोई उन बहादुरों की आत्मा की शांति और घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।