भारत के खिलाफ बयानबाजी पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की तारीफ सुन गदगद हुए ट्रंप

भारत के खिलाफ बयानबाजी पर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की तारीफ सुन गदगद हुए ट्रंप

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक राजनीति के गलियारों से इस वक्त एक बहुत बड़ी, अजीबोगरीब और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने अमेरिका से लेकर दक्षिण एशिया तक राजनीतिक तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाने वाले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) का एक ऐसा वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है, जिसमें पाकिस्तानी पीएम भारत के खिलाफ जहर उगलते और ट्रंप की शान में कसीदे पढ़ते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या कूटनीति के इस दौर में नेता अपने स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। वीडियो में शहबाज शरीफ अमेरिकी नीतियों की तारीफ करते हुए और भारत के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर अमेरिकी दखल की उम्मीद जताते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप का गदगद होना इस बात का संकेत देता है कि अमेरिकी राजनीति में भारत विरोधी ताकतों का इस्तेमाल किस तरह से अपने फायदे के लिए किया जाता है। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, दुनिया भर के मीडिया घरानों में इस पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब आ गया और भारत में भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस वीडियो के पीछे की पूरी कहानी क्या है, डोनाल्ड ट्रंप ने इसे शेयर करते हुए क्या कुछ कहा है और इसके भारत-अमेरिका तथा पाकिस्तान के रिश्तों पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ने वाले हैं।

वैश्विक मंचों पर जब भी पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों की बात आती है, तो परदे के पीछे होने वाले सौदे और आपसी सांठगांठ हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जब भी किसी अंतरराष्ट्रीय मंच या अमेरिकी नेताओं के करीब जाने का मौका तलाशते हैं, तो वे भारत के खिलाफ बयानबाजी करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते। इस बार भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब शहबाज शरीफ ने एक इंटरव्यू या भाषण के दौरान डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की तारीफ करते हुए उनके समर्थन में ऐसी बातें कहीं जो सीधे तौर पर भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को चुनौती देने वाली थीं। डोनाल्ड ट्रंप, जो अपनी लोकप्रियता और तारीफ सुनने के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं, ने बिना सोचे-समझे उस वीडियो क्लिप को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि पश्चिमी देशों की राजनीति में कई बार कूटनीतिक शालीनता को ताक पर रखकर सिर्फ व्यक्तिगत वाहवाही और राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दी जाती है। आइए जानते हैं कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद कूटनीतिक गलियारों में किस तरह की चर्चाएं गर्म हैं और भारत की तरफ से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वीडियो शेयर किए जाने के पीछे की सियासी चाल और कूटनीतिक मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह वीडियो शेयर करना किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति हो सकती है। अमरीकी राजनीति में इस समय चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और ट्रंप अपने प्रभाव क्षेत्र को मजबूत करने के लिए हर उस मंच का इस्तेमाल कर रहे हैं जो उन्हें सुर्खियों में बनाए रखे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री द्वारा की गई चापलूसी और तारीफ को ट्रंप द्वारा प्रमोट किया जाना इस बात को दर्शाता है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनके इस कदम से भारत जैसे रणनीतिक और भरोसेमंद साझेदार देश के साथ संबंधों पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय हमेशा से इस प्रकार की बचकानी और स्वार्थी कूटनीति से बहुत ऊपर उठकर अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते आए हैं। इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर इस वीडियो के आने के बाद भारत के आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है, जो यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अमेरिका अब भी पाकिस्तान जैसे आतंकवाद के प्रायोजक देश को तवज्जो देना बंद नहीं करेगा।

भारत पर इसका क्या असर होगा और कूटनीतिक जानकारों की इस पर क्या राय है?

इस पूरे वाकये पर जब हमने देश के शीर्ष कूटनीतिक जानकारों और विदेश मामलों के एक्सपर्ट्स से बातचीत की, तो उनका यह स्पष्ट रूप से कहना था कि भारत को इस तरह के ओछे बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट से विचलित होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वैश्विक मंच पर उसकी ताकत इतनी अधिक है कि कोई भी अमेरिकी नेता भारत की उपेक्षा करके लंबे समय तक राजनीति नहीं कर सकता। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • भारत की मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति: भारत ने हमेशा से अपनी शर्तों पर संबंध बनाए हैं और वह किसी भी विदेशी नेता के व्यक्तिगत बयानों से प्रभावित नहीं होता है।

  • रणनीतिक साझेदारी की अनिवार्यता: अमेरिका अच्छी तरह जानता है कि चीन के खिलाफ एशिया में संतुलन बनाए रखने के लिए उसे भारत की जरूरत है, न कि पाकिस्तान की।

  • पाकिस्तान की राजनीतिक विवशता: पाकिस्तान के नेताओं की यह फितरत रही है कि वे अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए हमेशा अमेरिका या अन्य देशों के सामने गिड़गिड़ाते रहते हैं, जिसे दुनिया भर में अब सहानुभूति नहीं बल्कि उपहास की दृष्टि से देखा जाता है।